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शिक्षक पात्रता परीक्षा से 2786 अभ्यर्थी रहे गैरहाजिर
Updated Sun, 15 Oct 2017 11:34 PM IST
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शिक्षक पात्रता परीक्षा देकर आते युवा
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। जनपद में कड़ी निगरानी के बीच शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई। 13 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों की परीक्षा में कुल 12343 परीक्षार्थियों में से 2783 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे जबकि 9560 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
शिक्षक पात्रता परीक्षा जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद में कड़ी निगरानी के बीच हुई। प्रथम पाली में प्राथमिक वर्ग की परीक्षा हुई। जिसमें कुल पंजीकृत 5229 परीक्षार्थियों में से 3826 परीक्षार्थी उपस्थित हुए जबकि 1403 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में उच्च प्राथमिक वर्ग की परीक्षा हुई।
परीक्षा में कुल पंजीकृत 7114 परीक्षार्थियों में से 5734 परीक्षार्थी उपस्थित हुए जबकि 1380 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा की निगरानी के लिए जिलाधिकारी प्रदीप कुमार व एसपी राजेश एस सहित सभी उप जिलाधिकारी, सीओ तथा तहसीलदार निगरानी पर रहे।
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परीक्षा के लिए प्रत्येक केंद्र पर दो-दो पर्यवेक्षक नियुक्ति किए गए थे। इसके अतिरिक्त छह सेक्टर मजिस्ट्रेट भी लगाए गए थे। प्रत्येक केंद्र पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के चलते कोई गड़बड़ी नहीं की जा सकी।
शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र को लेकर छात्रों में कहीं खुशी तो कहीं गम जैसा माहौल देखा गया। प्राइमरी वर्ग का प्रभनश्नपत्र छात्रों ने कठिन बताया। प्रश्नपत्र में गणित के सवाल कठिन आए थे। इसके अतिरिक्त मनोविज्ञान के प्रश्न भी जटिल थे। जिनका जवाब देने में कठिनाई महसूस हुई।
देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र अधिक कठिन नहीं था लेकिन गणित और मनोविज्ञान के प्रभनश्नों में थोड़ी परेशानी उठानी पड़ी। मनोविज्ञान के प्रश्न अपेक्षाकृत अधिक कठिन था।
प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि पर्यावरण के प्रश्नपत्र भी ऊंचे स्तर के रख दिए गए। जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। मनोविज्ञान और गणित के सवाल भी कठिन थे।
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शिक्षक पात्रता परीक्षा जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद में कड़ी निगरानी के बीच हुई। प्रथम पाली में प्राथमिक वर्ग की परीक्षा हुई। जिसमें कुल पंजीकृत 5229 परीक्षार्थियों में से 3826 परीक्षार्थी उपस्थित हुए जबकि 1403 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में उच्च प्राथमिक वर्ग की परीक्षा हुई।
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परीक्षा में कुल पंजीकृत 7114 परीक्षार्थियों में से 5734 परीक्षार्थी उपस्थित हुए जबकि 1380 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा की निगरानी के लिए जिलाधिकारी प्रदीप कुमार व एसपी राजेश एस सहित सभी उप जिलाधिकारी, सीओ तथा तहसीलदार निगरानी पर रहे।
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परीक्षा के लिए प्रत्येक केंद्र पर दो-दो पर्यवेक्षक नियुक्ति किए गए थे। इसके अतिरिक्त छह सेक्टर मजिस्ट्रेट भी लगाए गए थे। प्रत्येक केंद्र पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के चलते कोई गड़बड़ी नहीं की जा सकी।
शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र को लेकर छात्रों में कहीं खुशी तो कहीं गम जैसा माहौल देखा गया। प्राइमरी वर्ग का प्रभनश्नपत्र छात्रों ने कठिन बताया। प्रश्नपत्र में गणित के सवाल कठिन आए थे। इसके अतिरिक्त मनोविज्ञान के प्रश्न भी जटिल थे। जिनका जवाब देने में कठिनाई महसूस हुई।
देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र अधिक कठिन नहीं था लेकिन गणित और मनोविज्ञान के प्रभनश्नों में थोड़ी परेशानी उठानी पड़ी। मनोविज्ञान के प्रश्न अपेक्षाकृत अधिक कठिन था।
प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि पर्यावरण के प्रश्नपत्र भी ऊंचे स्तर के रख दिए गए। जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। मनोविज्ञान और गणित के सवाल भी कठिन थे।