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प्रसूता को चारपाई पर ले गए वार्ड तक
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:06 PM IST
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चारपाई पर प्रसूता को ले जाया गया।
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कासगंज।
जिले की स्वास्थ्य सेवाएं ढर्रे पर नहीं आ पा रही हैं। कभी संसाधनों का अभाव खलता है तो कभी चिकित्सकों और विभागीय कर्मियों की कमी आड़े आ जाती है। ऐसे हालात में स्वास्थ्य सेवाएं लचर बनी हुई हैं। शनिवार को चिकित्सालय में आई प्रसूता को स्ट्रेचर तक नहीं मिला उसे चारपाई से ही वॉर्ड तक ले जाना पड़ा।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे ट्रैक्टर ट्रॉली में प्रसूता राखी पत्नी कुंवर सिंह निवासी गांव फिरोजपुर साहनी चिकित्सालय पहुंची। परिवारीजन राखी को लेकर ट्रैक्टर ट्रॉली से निजी चिकित्सालय में प्रसव कराने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही प्रसव पीड़ा होने पर राखी ने पुत्र को जन्म दे दिया। ऐसी स्थिति में परिवारीजन उसे सरकारी चिकित्सालय लेकर आए। जहां स्ट्रेचर न मिलने पर चारपाई से ही परिवारीजन उसे वार्ड की ओर ले गए।
एक अन्य प्रसूता संगीता पत्नी सत्येंद्र निवासी फरीदपुर सहावर को प्रसव के लिए चिकित्सालय ले जाया गया। आशा शारदा और परिवारीजन महिला के साथ रहे। सहावर चिकित्सालय में महिला का प्रसव तो हो गया, लेकिन प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्त्राव हो गया। ऐसी स्थिति में उसे कासगंज जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया, लेकिन यहां भी चिकित्सा की व्यवस्था नहीं मिली तो संगीता को जिला चिकित्सालय से पौने दस बजे अलीगढ़ रेफर कर दिया। अलीगढ़ ले जाने के लिए एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो पाई तो परिवारीजन ई-रिक्शा से निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
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जो उपलब्ध संसाधन हैं। उनका बेहतर प्रयोग किया जा रहा। चिकित्सकों और कर्मियों के बारे में शासन से कहा गया है, लेकिन अभी तैनाती नहीं मिली है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपेक्षित सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
- डॉ. रंगजी दुबे, सीएमओ
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जिले की स्वास्थ्य सेवाएं ढर्रे पर नहीं आ पा रही हैं। कभी संसाधनों का अभाव खलता है तो कभी चिकित्सकों और विभागीय कर्मियों की कमी आड़े आ जाती है। ऐसे हालात में स्वास्थ्य सेवाएं लचर बनी हुई हैं। शनिवार को चिकित्सालय में आई प्रसूता को स्ट्रेचर तक नहीं मिला उसे चारपाई से ही वॉर्ड तक ले जाना पड़ा।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे ट्रैक्टर ट्रॉली में प्रसूता राखी पत्नी कुंवर सिंह निवासी गांव फिरोजपुर साहनी चिकित्सालय पहुंची। परिवारीजन राखी को लेकर ट्रैक्टर ट्रॉली से निजी चिकित्सालय में प्रसव कराने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही प्रसव पीड़ा होने पर राखी ने पुत्र को जन्म दे दिया। ऐसी स्थिति में परिवारीजन उसे सरकारी चिकित्सालय लेकर आए। जहां स्ट्रेचर न मिलने पर चारपाई से ही परिवारीजन उसे वार्ड की ओर ले गए।
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एक अन्य प्रसूता संगीता पत्नी सत्येंद्र निवासी फरीदपुर सहावर को प्रसव के लिए चिकित्सालय ले जाया गया। आशा शारदा और परिवारीजन महिला के साथ रहे। सहावर चिकित्सालय में महिला का प्रसव तो हो गया, लेकिन प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्त्राव हो गया। ऐसी स्थिति में उसे कासगंज जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया, लेकिन यहां भी चिकित्सा की व्यवस्था नहीं मिली तो संगीता को जिला चिकित्सालय से पौने दस बजे अलीगढ़ रेफर कर दिया। अलीगढ़ ले जाने के लिए एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं हो पाई तो परिवारीजन ई-रिक्शा से निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
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जो उपलब्ध संसाधन हैं। उनका बेहतर प्रयोग किया जा रहा। चिकित्सकों और कर्मियों के बारे में शासन से कहा गया है, लेकिन अभी तैनाती नहीं मिली है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपेक्षित सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
- डॉ. रंगजी दुबे, सीएमओ