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27 घंटे बाद सुचारू हो सका टूंडला-कानपुर रेलमार्ग
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:58 PM IST
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टूंडला। कानपुर रेलखंड पर पाता-अछल्दा रेलवे स्टेशनों के मध्य कैफियत एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के करीब 27 घंटों बाद अप व 29 घंटे बाद डाउन रेलमार्ग सुचारू हो सका। इसके चलते गुरुवार को भी रेल प्रशासन ने दो ट्रेनों को रद्द कर दिया। वहीं डायवर्ट रूटों से ट्रेनों के पहुंचने पर ट्रेनें चार से आठ घंटे देरी से चलीं।
बुधवार तड़के करीब 2.50 बजे कानपुर रेलखंड पर पाता-अछल्दा के मध्य सुपरफास्ट ट्रेन कैफियत एक्क्सप्रेस हादसे की शिकार हो गयी थी। हादसे में ट्रेन के इंजन सहित 12 कोच पटरी से उतर गए थे। इस रेल हादसे में 144 यात्री घायल हो गए थे। जिन्हें सैफई व औरैया के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
हादसे से अप व डाउन लाइन का रेल ट्रैक उखड़ने के अलावा ओएचई तार भी टूट गए थे। रेल महाप्रबंधक एमसी चौहान के पहुंचने के बाद बिखरे पड़े रेल डिब्बों को हटाने के साथ ही ध्वस्त हुए रेल ट्रैक की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ था।
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रेल कर्मचारी रात भर ध्वस्त हुए रेलमार्ग को ठीक करने में जुटे रहे। रेल प्रशासन को उम्मीद थी कि मध्यरात्रि तक ट्रैक ठीक हो जायेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अप लाइन गुरुवार सुबह करीब छह बजे सुचारू हो सकी। अप लाइन से पहली गाड़ी सुबह 6:05 बजे गुजारी गई।
इसके करीब दो घंटे बाद 8.15 बजे डाउन रेलमार्ग को मालगाड़ी गुजारकर शुरू किया गया। रेलमार्ग के ठीक होने एवं ट्रेनों के संचालन की रेल प्रशासन ही नहीं रेलयात्री भी जानकारी करते रहे।
गुरुवार सुबह तक रेलमार्ग सुचारू न होने पर रेल प्रशासन ने टूंडला-कानपुर पैसेंजर व शिकोहाबाद-कानपुर पैसेंजर को रद्द कर दिया। इसके चलते यात्री परेशान रहे
ट्रेनें लेट होने से परेशान रहे यात्री
कैफियत एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर अप व डाउन की ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया गया था। रात में रेल ट्रैक सुचारू होने की संभावना पर रेलवे ने दिल्ली से ट्रेनों को प्रोपर रूट से चलाना शुरू कर दिया था, किंतु रेल ट्रैक सुबह सही होने पर कुछ ट्रेनें टूंडला व पिछले स्टेशनों पर खड़ी रहीं तो कुछ को इटावा तक चला दिया। वहीं डायवर्ड रूट से आयीं कुछ ट्रेनें के घंटों की देरी से चलने से यात्री परेशान रहे।
अप में देरी से चलने वाली ट्रेनें
लखनऊ-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस चार घंटे, कालका मेल चार घंटे, सीमांचल एक्सप्रेस तीन घंटे, हावड़ा-जोधपुर दो घंटे, सियालदा-अजमेर तीन घंटे, गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से चल रही थी।
डाउन में देरी से चलने वाली ट्रेनें
तूफान आभा एक्सप्रेस चार घंटे, पूर्वा एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस व आगरा-टूंडला एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से चल रहीं थीं।
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बुधवार तड़के करीब 2.50 बजे कानपुर रेलखंड पर पाता-अछल्दा के मध्य सुपरफास्ट ट्रेन कैफियत एक्क्सप्रेस हादसे की शिकार हो गयी थी। हादसे में ट्रेन के इंजन सहित 12 कोच पटरी से उतर गए थे। इस रेल हादसे में 144 यात्री घायल हो गए थे। जिन्हें सैफई व औरैया के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
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हादसे से अप व डाउन लाइन का रेल ट्रैक उखड़ने के अलावा ओएचई तार भी टूट गए थे। रेल महाप्रबंधक एमसी चौहान के पहुंचने के बाद बिखरे पड़े रेल डिब्बों को हटाने के साथ ही ध्वस्त हुए रेल ट्रैक की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ था।
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रेल कर्मचारी रात भर ध्वस्त हुए रेलमार्ग को ठीक करने में जुटे रहे। रेल प्रशासन को उम्मीद थी कि मध्यरात्रि तक ट्रैक ठीक हो जायेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अप लाइन गुरुवार सुबह करीब छह बजे सुचारू हो सकी। अप लाइन से पहली गाड़ी सुबह 6:05 बजे गुजारी गई।
इसके करीब दो घंटे बाद 8.15 बजे डाउन रेलमार्ग को मालगाड़ी गुजारकर शुरू किया गया। रेलमार्ग के ठीक होने एवं ट्रेनों के संचालन की रेल प्रशासन ही नहीं रेलयात्री भी जानकारी करते रहे।
गुरुवार सुबह तक रेलमार्ग सुचारू न होने पर रेल प्रशासन ने टूंडला-कानपुर पैसेंजर व शिकोहाबाद-कानपुर पैसेंजर को रद्द कर दिया। इसके चलते यात्री परेशान रहे
ट्रेनें लेट होने से परेशान रहे यात्री
कैफियत एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर अप व डाउन की ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया गया था। रात में रेल ट्रैक सुचारू होने की संभावना पर रेलवे ने दिल्ली से ट्रेनों को प्रोपर रूट से चलाना शुरू कर दिया था, किंतु रेल ट्रैक सुबह सही होने पर कुछ ट्रेनें टूंडला व पिछले स्टेशनों पर खड़ी रहीं तो कुछ को इटावा तक चला दिया। वहीं डायवर्ड रूट से आयीं कुछ ट्रेनें के घंटों की देरी से चलने से यात्री परेशान रहे।
अप में देरी से चलने वाली ट्रेनें
लखनऊ-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस चार घंटे, कालका मेल चार घंटे, सीमांचल एक्सप्रेस तीन घंटे, हावड़ा-जोधपुर दो घंटे, सियालदा-अजमेर तीन घंटे, गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से चल रही थी।
डाउन में देरी से चलने वाली ट्रेनें
तूफान आभा एक्सप्रेस चार घंटे, पूर्वा एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस व आगरा-टूंडला एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से चल रहीं थीं।