फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   शहीदों की गौरव गाथाओं से गूंजेगी पीली कोठी

शहीदों की गौरव गाथाओं से गूंजेगी पीली कोठी

Tue, 25 Jul 2017 09:59 PM IST
Updated Tue, 25 Jul 2017 09:59 PM IST
विज्ञापन
शहीदों की गौरव गाथाओं से गूंजेगी पीली कोठी
आगरा। वजीरपुरा स्थित पीली कोठी की एक-एक ईंट में देश के स्वतंत्रता संग्राम की कहानी छुपी हुई है। इसी कोठी से देशभक्त क्रांतिकारी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अपनी रणनीति को अंजाम देते थे। आज (बुधवार को) यह कोठी एक बार अमर सपूतों की गौरव गाथाओं से गूंजेगी। कारगिल दिवस पर अमर उजाला के अभिनव अभियान ‘मां तुझे प्रणाम’ के तहत शाम चार बजे आयोजित वीरांगना सम्मान समारोह में उन वीरनारियों का अभिनंदन होगा जिन्हाेंने वतन के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।
विज्ञापन


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीजी जोन आनंद कुमार, एससपी दिनेश चंद दुबे, सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास बोर्ड के अध्यक्ष प्रमोद कुमार, एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव, एडीएम एलए नगेंद्र शर्मा और पीली कोठी के स्वामी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह और उनका परिवार वीरनारियों को मेडल, श्रीफल और शाल भेंटकर उनका अभिनंदन करेंगे। स्वागत समारोह के बीच उन अमर शहीदों की वीरगाथा भी दोहराई जाएगी ताकि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति का संदेश मिले।
विज्ञापन



क्रांतिकारियों का आश्रय स्थल रही पीली कोठी
पीली कोठी के स्वामी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि उनके दादा कुंवर प्रबल प्रताप सिंह आजादी की लड़ाई का हिस्सा बने। अंग्रेजों की बीच रहते हुए भी उन्होंने आंदोलनकारियों की मदद की। उनके पिता डिप्टी कलेक्टर कुंवर महेंद्र सिंह ने अंग्रेजों को चकमा देने के लिए क्रिकेट, घुड़सवारी और शिकार का सहारा लिया। क्रांतिकारियों को हथियार और अन्य मदद पहुंचाने के लिए क्रिकेट किट बैग और उनकी विटेंज कार काफी मददगार होती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंग्रेज अफसर उनकी तलाशी नहीं लेते थे। वजीरपुरा क्षेत्र के ही मेवाराम सूतैल, बाबूलाल शर्मा और रामरज पाल सिंह क्रांतिकारियों समूह से सीधे जुड़े थे। कुंवर दिनेश प्रताप ने बताया कि एक बार पालीवाल पार्क में अंग्रेज जेलर के ऊपर बम फेंकने के मामले में आजादी के दीवाने डा. लाड़ली प्रसाद उपाध्याय पकड़े गए। डर लग रहा था कि पीली कोठी का भेद न खुल जाए लेकिन ऐन मौके पर एक मुसलिम दारोगा ने मदद की और बड़ी चतुराई से लाड़ली प्रसाद उपाध्याय को निकाल दिया और पीली कोठी का राज नहीं खुला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed