{"_id":"59650cf14f1c1b4d248b464f","slug":"21499794673-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी में व्यापारियों के जेल का प्रावधान नहीं मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी में व्यापारियों के जेल का प्रावधान नहीं मंजूर
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
gst
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज।
वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुमंत कुमार गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार ने देश मेें एक कर प्रणाली लागू कर एतिहासिक कदम उठाया है। व्यापारी इसके विरोधी नहीं हैं। लेकिन जेल भेजे जाने का प्रावधान परिषद को स्वीकार नहीं है। सरकार इसे समाप्त करे। वे लक्ष्मीगंज में कृष्णा फर्नीचर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कानून के सरलीकरण से ही व्यापार एवं उद्योग में तरक्की होती है। सरकार को टैक्स भी अधिक मिलेगा। जीएसटी में अभी काफी खामियां हैं। एक माह में तीन रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था ठीक नहीं है। अभी भी देश में बिजली, इंटरनेट की समस्या है। प्रत्येक व्यापारी को कंप्यूटर लगाने से उसके ऊपर खर्च का बोझ बढ़ेगा।
रिटर्न की व्यवस्था को तीन माह में एक बार की जाए। सरकार ने दंड के साथ जेल का जो प्रावधान किया है वह उचित नहीं है। वहीं उन्होंने जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी के लिए 20 लाख रुपये के बीमा की मांग की। निकाय चुनाव में वैश्य समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया। कहा कि 23 जुलाई को इटावा में वैश्य एकता परिषद का प्रांतीय सम्मेलन एवं कार्यकर्ता सम्मान समारोह होगा। मौके पर राष्ट्रीय महामंत्री प्रमोद गुप्ता, राष्ट्रीय सचिव विकास गुप्ता, प्रदेश मंत्री वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष प्रदीप हिना, संतोष अग्रवाल, जितेद्र वार्ष्णेय, दीपक गुप्ता, राजेश अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, राकेश गुप्ता, प्रेम गुप्ता, अमित गुप्ता, राजीव जैन, विनय जैन, किशोर अग्रवाल, संजय काबरा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुमंत कुमार गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार ने देश मेें एक कर प्रणाली लागू कर एतिहासिक कदम उठाया है। व्यापारी इसके विरोधी नहीं हैं। लेकिन जेल भेजे जाने का प्रावधान परिषद को स्वीकार नहीं है। सरकार इसे समाप्त करे। वे लक्ष्मीगंज में कृष्णा फर्नीचर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कानून के सरलीकरण से ही व्यापार एवं उद्योग में तरक्की होती है। सरकार को टैक्स भी अधिक मिलेगा। जीएसटी में अभी काफी खामियां हैं। एक माह में तीन रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था ठीक नहीं है। अभी भी देश में बिजली, इंटरनेट की समस्या है। प्रत्येक व्यापारी को कंप्यूटर लगाने से उसके ऊपर खर्च का बोझ बढ़ेगा।
विज्ञापन
रिटर्न की व्यवस्था को तीन माह में एक बार की जाए। सरकार ने दंड के साथ जेल का जो प्रावधान किया है वह उचित नहीं है। वहीं उन्होंने जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी के लिए 20 लाख रुपये के बीमा की मांग की। निकाय चुनाव में वैश्य समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया। कहा कि 23 जुलाई को इटावा में वैश्य एकता परिषद का प्रांतीय सम्मेलन एवं कार्यकर्ता सम्मान समारोह होगा। मौके पर राष्ट्रीय महामंत्री प्रमोद गुप्ता, राष्ट्रीय सचिव विकास गुप्ता, प्रदेश मंत्री वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष प्रदीप हिना, संतोष अग्रवाल, जितेद्र वार्ष्णेय, दीपक गुप्ता, राजेश अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, राकेश गुप्ता, प्रेम गुप्ता, अमित गुप्ता, राजीव जैन, विनय जैन, किशोर अग्रवाल, संजय काबरा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन