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27 साल बाद पड़ रहा है दुर्लभ संयोग
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:07 AM IST
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मथुरा। सावन के महीने में सोमवार का दुर्लभ संयोग इस माह को और भी अद्भुत बना रहा है। इस बार सावन के महीने में पांच सोमवार पड़ रहे है। वहीं, इस माह की शुरुआत सोमवार से होगी और सावन का आखिरी दिन भी सोमवार ही होगा।
सावन के महीने में पार्वती ने शंकर जी की प्राप्ति के लिए उनकी आराधना की थी। इस माह भगवान शंकर की पूजा करने से न केवल वो प्रसन्न होते हैं। इस बार वर्ष 1990 के बाद एक और अद्भुत योग बन रहा है। इस बार सावन माह के पहले दिन 10 जुलाई को भी सोमवार पड़ रहा है और आखिरी दिन 7 अगस्त को भी सोमवार है। वर्ष 2003 यानि 14 साल बाद सावन माह में पांच सोमवार का योग बना था। ऐसे योग को भक्तों के लिये शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि शास्त्रों में वर्णित है भगवान शंकर जी को सावन का अत्यंत प्रिय है। इस माह में नियमित जलाभिषेक, रुद्राभिषेक के साथ ही नियमित पूजा अर्चना करने से इंसान के मन की हर इच्छा पूरी होती है। ऊं नम: शिवाय मंत्र के साथ जल और दूध से अभिषेक तथा बेलपत्र, धतूरा आदि से पूजा अर्चना करने से शंकर जी प्रसन्न होते हैं।
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सोमवार को रुद्राभिषेक के विधान....
-पुत्र प्राप्ति के लिये दूध से करें अभिषेक
-पशु व वाहन के लिये दही से
-वंश विस्तार के लिये घृत से
-श्रेष्ठ बुद्धि के लिये शक्कर
-शत्रु के नाश के लिये सरसों के तेल से भगवान शंकर का रुद्राभिषेक करना चाहिए।
सावन के अंतिम सोमवार को रक्षाबंधन, पड़ेगा चंद्रग्रहण
मथुरा। इस बार सावन के अंतिम सोमवार को चंद्र ग्रहण पड़ेगा। ऐसे में भद्रा और सूतकों के चलते राखी बांधने के लिये शुभ मुहुर्त सुबह 11 बजकर 07 मिनट से 1 बजकर 52 मिनट तक ही रहेगा।
6 अगस्त (रविवार) को रात 10 बजकर 29 मिनट से भद्रा लगेगी जो 7 अगस्त को सुबह 11 बजकर 07 मिनट तक रहेगी। वहीं, 13 बजकर 52 मिनट से सूतक लग जाएगा। रात में 10 बजकर 52 मिनट से 12 बज कर 48 मिनट तक चंद्रग्रहण रहेगा।
सावन में इन मंदिरों में लगेगा जयकारा
-रंगेश्वार नाथ महादेव मंदिर मथुरा-आगरा रोड
-शहर कोतवाल, भूतेश्वर नाथ महादेव मंदिर
-गर्तेश्वर नाथ महादेव गोविंद नगर
-गोकर्ण नाथ महादेव परिक्रमा मार्ग
-पिप्लेश्वर नाथ महादेव यमुना घाट
-चिंताहरण महादेव मंदिर गऊघाट
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सावन के महीने में पार्वती ने शंकर जी की प्राप्ति के लिए उनकी आराधना की थी। इस माह भगवान शंकर की पूजा करने से न केवल वो प्रसन्न होते हैं। इस बार वर्ष 1990 के बाद एक और अद्भुत योग बन रहा है। इस बार सावन माह के पहले दिन 10 जुलाई को भी सोमवार पड़ रहा है और आखिरी दिन 7 अगस्त को भी सोमवार है। वर्ष 2003 यानि 14 साल बाद सावन माह में पांच सोमवार का योग बना था। ऐसे योग को भक्तों के लिये शुभ माना जाता है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि शास्त्रों में वर्णित है भगवान शंकर जी को सावन का अत्यंत प्रिय है। इस माह में नियमित जलाभिषेक, रुद्राभिषेक के साथ ही नियमित पूजा अर्चना करने से इंसान के मन की हर इच्छा पूरी होती है। ऊं नम: शिवाय मंत्र के साथ जल और दूध से अभिषेक तथा बेलपत्र, धतूरा आदि से पूजा अर्चना करने से शंकर जी प्रसन्न होते हैं।
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सोमवार को रुद्राभिषेक के विधान....
-पुत्र प्राप्ति के लिये दूध से करें अभिषेक
-पशु व वाहन के लिये दही से
-वंश विस्तार के लिये घृत से
-श्रेष्ठ बुद्धि के लिये शक्कर
-शत्रु के नाश के लिये सरसों के तेल से भगवान शंकर का रुद्राभिषेक करना चाहिए।
सावन के अंतिम सोमवार को रक्षाबंधन, पड़ेगा चंद्रग्रहण
मथुरा। इस बार सावन के अंतिम सोमवार को चंद्र ग्रहण पड़ेगा। ऐसे में भद्रा और सूतकों के चलते राखी बांधने के लिये शुभ मुहुर्त सुबह 11 बजकर 07 मिनट से 1 बजकर 52 मिनट तक ही रहेगा।
6 अगस्त (रविवार) को रात 10 बजकर 29 मिनट से भद्रा लगेगी जो 7 अगस्त को सुबह 11 बजकर 07 मिनट तक रहेगी। वहीं, 13 बजकर 52 मिनट से सूतक लग जाएगा। रात में 10 बजकर 52 मिनट से 12 बज कर 48 मिनट तक चंद्रग्रहण रहेगा।
सावन में इन मंदिरों में लगेगा जयकारा
-रंगेश्वार नाथ महादेव मंदिर मथुरा-आगरा रोड
-शहर कोतवाल, भूतेश्वर नाथ महादेव मंदिर
-गर्तेश्वर नाथ महादेव गोविंद नगर
-गोकर्ण नाथ महादेव परिक्रमा मार्ग
-पिप्लेश्वर नाथ महादेव यमुना घाट
-चिंताहरण महादेव मंदिर गऊघाट