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जल समझौते के विरोध में खोले हथिनीकुंड बैराज के गेट
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:46 PM IST
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यमुना नदी
- फोटो : Demo Pic
वृंदावन। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास के नेतृत्व में यमुना शुद्धीकरण की मांग को लेकर वृंदावन से प्रारंभ हुई वाहन यात्रा गुरुवार को हथिनीकुंड पहुंची। यहां बैराज के सारे कपाट बंद मिले। 1994 के जल समझौते के विरोध में गेट खोल दिए। यमुना का पूजन किया।
संत जयकृष्ण दास ने बताया कि यमुना की समस्या की शुरुआत 1994 में हथिनीकुंड जल बंटवारे के समझौते से हुई है। यमुना का प्राकृतिक प्रवाह बाधित कर उसका 97 प्रतिशत हिस्सा वही रोक लिया गया है।
रक्षक दल की मांग थी कि सरकार हथिनीकुंड समझौते पर पुनर्विचार करें। उसे रद किया जाये। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय महासचिव रमेश सिसौदिया, स्वामी नारायण बाबा, श्रीदास प्रजापति, राजवीर सिंह, परशुराम गुर्जर, दयाराम गुर्जर, मदनलाल गौतम, मदनगिरि महाराज, अजय शर्मा, ग्वाला बाबा, देवेंद्र गुर्जर आदि उपस्थित रहे।
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संत जयकृष्ण दास ने बताया कि यमुना की समस्या की शुरुआत 1994 में हथिनीकुंड जल बंटवारे के समझौते से हुई है। यमुना का प्राकृतिक प्रवाह बाधित कर उसका 97 प्रतिशत हिस्सा वही रोक लिया गया है।
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रक्षक दल की मांग थी कि सरकार हथिनीकुंड समझौते पर पुनर्विचार करें। उसे रद किया जाये। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय महासचिव रमेश सिसौदिया, स्वामी नारायण बाबा, श्रीदास प्रजापति, राजवीर सिंह, परशुराम गुर्जर, दयाराम गुर्जर, मदनलाल गौतम, मदनगिरि महाराज, अजय शर्मा, ग्वाला बाबा, देवेंद्र गुर्जर आदि उपस्थित रहे।
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