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झील की खूबसूरती को मशविरों की बाढ़
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मोती झील में पानी भराव का काम शुरू
- फोटो : self
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कासगंज। प्रदेश सरकार द्वारा आर्द्र क्षेत्र के लिए चयनित की गई दरियावगंज झील की खूबसूरती के लिए सुझावों का निखार मिल रहा है। दरियावगंज के ग्रामीणों के अलावा आम लोग भी मशविरा दे रहे हैं। अब तक 80 से अधिक लोगों के सुझाव पर वन विभाग ने गंभीरता से काम किया है। विभाग ने अलग से सुझाव पटल बनाया है।
उप्र वेटलैंड बोर्ड ने जिले की दरियावगंज झील को लीडिंग झील के रूप में सूचीबद्ध किया है। इसके बाद झील की सुंदरता की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी गई है। वन विभाग झील की खूबसूरती को योजना तैयार कर चुका है, लेकिन झील पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। इसे लेकर वन विभाग असमंजस में है। विभाग ने जिम्मेदारी ग्रामीणों और आम नागरिकों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव पटल पर सिर्फ झील से संबंधित सुझाव दर्ज किए जाएंगे। पटल पर अब तक 80 से अधिक लोग सुझाव दे चुके हैं। विभाग ने एक सुझाव रजिस्टर भी तैयार किया है, जिसकी छाया प्रति सुझाव सहित प्रदेश सरकार को भेजने की योजना है। वन विभाग की गंभीर सक्रियता से लग रहा है कि हमें जल्द ही प्रवासी पक्षियों का कलरव झील में देखने को मिलेगा।
अतिक्रमणकारियों में खलबली
झील पर अतिक्रमणकारियों के कब्जे हैं। वन विभाग व राजस्व विभाग इन कब्जों हटाने की तैयार की गई। इससे अतिक्रमणकारियों में खलबली मची है। दरियावगंज चौकी के उपनिरीक्षक नेम सिंह ने गांव में लोगों से झील की जमीन के संबंध में बातचीत की।
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-झील की सुंदरता के संबंध में ग्रामीणों व आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। लोग अपने सुझाव दे भी रहे हैं। इसके लिए अलग से पटल बनाया है। तमाम सुझाव ऐसे हैं, जो सरलता के आधार पर झील को सुंदर बनाने की दिशा में शुभ संकेत दे रहे हैं।
-दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।
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उप्र वेटलैंड बोर्ड ने जिले की दरियावगंज झील को लीडिंग झील के रूप में सूचीबद्ध किया है। इसके बाद झील की सुंदरता की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी गई है। वन विभाग झील की खूबसूरती को योजना तैयार कर चुका है, लेकिन झील पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। इसे लेकर वन विभाग असमंजस में है। विभाग ने जिम्मेदारी ग्रामीणों और आम नागरिकों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव पटल पर सिर्फ झील से संबंधित सुझाव दर्ज किए जाएंगे। पटल पर अब तक 80 से अधिक लोग सुझाव दे चुके हैं। विभाग ने एक सुझाव रजिस्टर भी तैयार किया है, जिसकी छाया प्रति सुझाव सहित प्रदेश सरकार को भेजने की योजना है। वन विभाग की गंभीर सक्रियता से लग रहा है कि हमें जल्द ही प्रवासी पक्षियों का कलरव झील में देखने को मिलेगा।
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अतिक्रमणकारियों में खलबली
झील पर अतिक्रमणकारियों के कब्जे हैं। वन विभाग व राजस्व विभाग इन कब्जों हटाने की तैयार की गई। इससे अतिक्रमणकारियों में खलबली मची है। दरियावगंज चौकी के उपनिरीक्षक नेम सिंह ने गांव में लोगों से झील की जमीन के संबंध में बातचीत की।
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-झील की सुंदरता के संबंध में ग्रामीणों व आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। लोग अपने सुझाव दे भी रहे हैं। इसके लिए अलग से पटल बनाया है। तमाम सुझाव ऐसे हैं, जो सरलता के आधार पर झील को सुंदर बनाने की दिशा में शुभ संकेत दे रहे हैं।
-दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।