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जानलेवा बनीं संक्रामक बीमारियां, तीन और मरीजों ने तोड़ा दम
Updated Tue, 18 Sep 2018 09:56 PM IST
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मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारियां आफत बन रही हैं। हर रोज एक मरीज की मौत हो रही है। जिला अस्पताल के पिछले 18 दिन के रिकार्ड को देखें तो 19 मरीजों की बुखार, डायरिया और सांस की दिक्कत के चलते मौत हो चुकी है। तीन हजार से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया है। 700 से अधिक मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को तीन और लोगों की मौत हो गई।
जिले के लिए संक्रामक बीमारियों आफत बन रही हैं। अब तो बुखार महामारी की तरह फैल रहा है। वायरल फीवर के साथ ही मलेरिया, डायरिया और सांस के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में बेडों की कमी है। झोलाछापों से लेकर निजी क्लीनिकों तक मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। मंगलवार को भी जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। संक्रामक बीमारियों से पीड़ित होने पर 700 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 48 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल में भर्ती थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव इटौरा निवासी 80 वर्षीय सूबेदार सिंह की बुखार से पीड़ित होने पर मौत हो गई। वहीं, एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव देवीदासपुर निवासी मुंशी सिंह की 75 वर्षीय पत्नी प्रेमवती देवी की सांस से पीड़ित होने पर मौत हो गई। उधर, औंछा में सामुदायिक स्वास्थ्य के पीछे रहने वाले बंटू के तीन वर्षीय पुत्र घनश्याम को पिछले दो दिन से बुखार आ रहा था। मंगलवार को परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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18 दिन में मरीजों की स्थिति
बीमारी भर्ती मरीजों की संख्या मौत
डायरिया 172 06
बुखार 611 08
श्वास 132 05
मौसम में हो रहा बदलाव बन रहा आफत
सीएमएस डॉ. आरके सागर का कहना है कि मौसम में अचानक हुए परिवर्तन के कारण बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बचाव न करने के कारण सांस के मरीजों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जरा भी दिक्कत होने पर उपचार अवश्य लें। उपचार में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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जिले के लिए संक्रामक बीमारियों आफत बन रही हैं। अब तो बुखार महामारी की तरह फैल रहा है। वायरल फीवर के साथ ही मलेरिया, डायरिया और सांस के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में बेडों की कमी है। झोलाछापों से लेकर निजी क्लीनिकों तक मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। मंगलवार को भी जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। संक्रामक बीमारियों से पीड़ित होने पर 700 से अधिक मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 48 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
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जिला अस्पताल में भर्ती थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव इटौरा निवासी 80 वर्षीय सूबेदार सिंह की बुखार से पीड़ित होने पर मौत हो गई। वहीं, एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव देवीदासपुर निवासी मुंशी सिंह की 75 वर्षीय पत्नी प्रेमवती देवी की सांस से पीड़ित होने पर मौत हो गई। उधर, औंछा में सामुदायिक स्वास्थ्य के पीछे रहने वाले बंटू के तीन वर्षीय पुत्र घनश्याम को पिछले दो दिन से बुखार आ रहा था। मंगलवार को परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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18 दिन में मरीजों की स्थिति
बीमारी भर्ती मरीजों की संख्या मौत
डायरिया 172 06
बुखार 611 08
श्वास 132 05
मौसम में हो रहा बदलाव बन रहा आफत
सीएमएस डॉ. आरके सागर का कहना है कि मौसम में अचानक हुए परिवर्तन के कारण बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बचाव न करने के कारण सांस के मरीजों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जरा भी दिक्कत होने पर उपचार अवश्य लें। उपचार में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।