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Mainpuri News: नाला ओवरफ्लो होने से 500 बीघा धान डूबा
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फोटो 9 खेतों में भरे पानी की निकासी के लिए प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
करहल। तहसील क्षेत्र के साज हाजीपुर से निकलने वाला नाला नगला मांझ, नगला पूठ और बमटापुर गांवों के खेतों के पास से होकर सुनूपुर सेंगर नदी में गिरता है। लंबे समय से नाले की सफाई न होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण नाला ओवरफ्लो हो गया है। इससे करीब 500 बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। परेशान किसानों ने शुक्रवार को नगला पूठ में प्रदर्शन कर तत्काल जलनिकासी कराने की मांग की।
नगला मांझ निवासी शशांक मिश्रा ने बताया कि समस्या को लेकर ग्रामीण पूर्व में भी शिकायत कर चुके हैं। शिकायत के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन तत्काल पानी निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। सिंचाई विभाग ने पीडब्ल्यूडी विभाग से कुलावा बनवाने की बात कही है, जबकि पीडब्ल्यूडी ने कुलावा डालने में करीब तीन माह का समय लगने की जानकारी दी है।
किसानों का कहना है कि खेतों में इस समय लगातार पानी भरा हुआ है। यदि तत्काल पानी नहीं निकाला गया तो कुछ ही दिनों में धान की खड़ी फसल खराब हो सकती है। उत्कर्ष मिश्रा ने मांग की है कि नाले की सफाई कराकर पानी का बहाव सुचारु किया जाए और पंपिंग सेट आदि की व्यवस्था कर खेतों से तत्काल पानी निकलवाया जाए। इसके साथ ही स्थायी कुलावा/पुलिया का निर्माण शीघ्र कराया जाए। सुशील शाक्य ने प्रभावित किसानों के खेतों का स्थलीय निरीक्षण कराकर फसल के नुकसान का आंकलन कराने तथा सहायता या क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। इस मौके पर अवनीश शाक्य, हरेंद्र शाक्य, सतीश शाक्य, सुभाषचंद्र, सुरजन सिंह, स्वामीराम, बुद्धरत्न, वीरेंद्र शाक्य, करन शाक्य सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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नगला मांझ निवासी शशांक मिश्रा ने बताया कि समस्या को लेकर ग्रामीण पूर्व में भी शिकायत कर चुके हैं। शिकायत के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन तत्काल पानी निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। सिंचाई विभाग ने पीडब्ल्यूडी विभाग से कुलावा बनवाने की बात कही है, जबकि पीडब्ल्यूडी ने कुलावा डालने में करीब तीन माह का समय लगने की जानकारी दी है।
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किसानों का कहना है कि खेतों में इस समय लगातार पानी भरा हुआ है। यदि तत्काल पानी नहीं निकाला गया तो कुछ ही दिनों में धान की खड़ी फसल खराब हो सकती है। उत्कर्ष मिश्रा ने मांग की है कि नाले की सफाई कराकर पानी का बहाव सुचारु किया जाए और पंपिंग सेट आदि की व्यवस्था कर खेतों से तत्काल पानी निकलवाया जाए। इसके साथ ही स्थायी कुलावा/पुलिया का निर्माण शीघ्र कराया जाए। सुशील शाक्य ने प्रभावित किसानों के खेतों का स्थलीय निरीक्षण कराकर फसल के नुकसान का आंकलन कराने तथा सहायता या क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। इस मौके पर अवनीश शाक्य, हरेंद्र शाक्य, सतीश शाक्य, सुभाषचंद्र, सुरजन सिंह, स्वामीराम, बुद्धरत्न, वीरेंद्र शाक्य, करन शाक्य सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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