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तिरंगा यात्रा की अनुमति पर आयोजकों की लजगी टकटकी
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:27 PM IST
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मौके पर पुलिस और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। शहर व अन्य कस्बों में तिरंगा यात्रा निकालने के लिए आयोजकों के प्रार्थना पत्र पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जांच प्रक्रिया में हैं। अभी तक किसी भी आयोजक को अनुमति नहीं दी गई है। जिससे आयोजकों की तैयारी नहीं हो पा रहीं। आयोजक प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों में चक्कर काट रहे हैं। वहीं सत्तारूढ़ दल के नेताओं से भी संपर्क साध रहे हैं।
संकल्प फाउंडेशन और जमीयत उल्मा ने शहर में तिरंगा यात्रा निकालने के लिए अनुमति मांगी है। वहीं सोरों में एक तिरंगा यात्रा की अनुमति मांगी गई है। यह तीनों ही अनुमति पुलिस और प्रशासन की जांच प्रक्रिया में हैं। अभी तक कोई भी निर्णय प्रशासन ने नहीं लिया है। आयोजकों को बता दिया गया है कि प्रशासन जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्णय लेगा। जिले के प्रशासनिक और पुलिस अफसरों से भी मुलाकात की गई है। अभी अनुमति न मिलने के कारण अब आयोजक सत्तारूढ़ दल के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को अनुमति देनी चाहिए।
26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के कारण हुई हिंसा और युवक चंदन गुप्ता की हत्या के कारण क्षेत्र में तनाव के हालात बने थे। 26 जनवरी की इस हिंसा के परिपेक्ष्य में ही प्रशासन 15 अगस्त को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। वह कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। प्रशासन ने पूरा सुरक्षा का प्लान बनाया है। जिलाधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि जो अनुमति मांगी गईं हैं। उन पर पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद अनुमति पर विचार किया जाएगा।
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संकल्प फाउंडेशन और जमीयत उल्मा ने शहर में तिरंगा यात्रा निकालने के लिए अनुमति मांगी है। वहीं सोरों में एक तिरंगा यात्रा की अनुमति मांगी गई है। यह तीनों ही अनुमति पुलिस और प्रशासन की जांच प्रक्रिया में हैं। अभी तक कोई भी निर्णय प्रशासन ने नहीं लिया है। आयोजकों को बता दिया गया है कि प्रशासन जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्णय लेगा। जिले के प्रशासनिक और पुलिस अफसरों से भी मुलाकात की गई है। अभी अनुमति न मिलने के कारण अब आयोजक सत्तारूढ़ दल के नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को अनुमति देनी चाहिए।
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26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के कारण हुई हिंसा और युवक चंदन गुप्ता की हत्या के कारण क्षेत्र में तनाव के हालात बने थे। 26 जनवरी की इस हिंसा के परिपेक्ष्य में ही प्रशासन 15 अगस्त को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। वह कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। प्रशासन ने पूरा सुरक्षा का प्लान बनाया है। जिलाधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि जो अनुमति मांगी गईं हैं। उन पर पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद अनुमति पर विचार किया जाएगा।
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