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जिला अस्पताल में अब नहीं होगा दवाओं का टोटा
Updated Sat, 19 May 2018 11:12 PM IST
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एटा। सरकारी अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है। अब अस्पताल में उन्हें हर मर्ज की दवा मिलेगी। दवाओं के अभाव में उन्हें बाजार से दवा नहीं खरीदनी होगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने यूपी मेडीसिन सप्लाई कार्पोरेशन का गठन किया है, जो सीधे दवा की आपूर्ति जिला अस्पताल को करेगी।
अभी तक आए दिन जिला अस्पताल में दवाओं की मारामारी सुनने को मिलती थी। दवा की कमी के कारण चिकित्सक मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता था। आर्थिक रुप से कमजोर लोग कई बार बाहर से दवा भी खरीद नहीं पाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, प्रदेश सरकार ने यूपी मेडीसिन सप्लाई कार्पोरेशन का गठन कर दिया है, जिसके माध्यम से प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में दवा की सप्लाई की जाएगी। इसके लिए सीएमओ स्तर से मांग पत्र जारी होगा और दवा की सप्लाई समय से अस्पताल भंडारण में पहुंच जाएगी। बता दें कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग सीएमओ के माध्यम से 80 फीसदी दवाओं की खरीद विभिन्न दवा एजेंसियों से की जाती थी। 20 फीसदी दवाओं की सप्लाई राज्य स्तर से होती थी। अब स्थानीय स्तर से खरीद बंद कर दी जाएगी।
डीबीएमएस पर रहेगा पूरा लेखा-जोखा
यूपी मेडीसिन सप्लाई कार्पोरेशन का डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (डीबीएमएस) सॉफ्टवेयर पर दवाओं का पूरा लेखा-जोख रहेगा। दवा की उपलब्धता और कमी के बारे में सॉफ्टवेयर अपडेट करेगा।
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सरकार की तरफ से यूपी मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन का गठन हो गया है। अब वहीं से दवाओं की आपूर्ति जिला स्तर पर होगी। अस्पताल में दवाओं की किल्लत का काफी हद तक सुधार होगा। अगले दो महीने में सप्लाई चालू होने की उम्मीद है।
डा. एसके मजूमदार, सीएमएस
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अभी तक आए दिन जिला अस्पताल में दवाओं की मारामारी सुनने को मिलती थी। दवा की कमी के कारण चिकित्सक मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता था। आर्थिक रुप से कमजोर लोग कई बार बाहर से दवा भी खरीद नहीं पाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, प्रदेश सरकार ने यूपी मेडीसिन सप्लाई कार्पोरेशन का गठन कर दिया है, जिसके माध्यम से प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में दवा की सप्लाई की जाएगी। इसके लिए सीएमओ स्तर से मांग पत्र जारी होगा और दवा की सप्लाई समय से अस्पताल भंडारण में पहुंच जाएगी। बता दें कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग सीएमओ के माध्यम से 80 फीसदी दवाओं की खरीद विभिन्न दवा एजेंसियों से की जाती थी। 20 फीसदी दवाओं की सप्लाई राज्य स्तर से होती थी। अब स्थानीय स्तर से खरीद बंद कर दी जाएगी।
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डीबीएमएस पर रहेगा पूरा लेखा-जोखा
यूपी मेडीसिन सप्लाई कार्पोरेशन का डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (डीबीएमएस) सॉफ्टवेयर पर दवाओं का पूरा लेखा-जोख रहेगा। दवा की उपलब्धता और कमी के बारे में सॉफ्टवेयर अपडेट करेगा।
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सरकार की तरफ से यूपी मेडिसिन सप्लाई कार्पोरेशन का गठन हो गया है। अब वहीं से दवाओं की आपूर्ति जिला स्तर पर होगी। अस्पताल में दवाओं की किल्लत का काफी हद तक सुधार होगा। अगले दो महीने में सप्लाई चालू होने की उम्मीद है।
डा. एसके मजूमदार, सीएमएस