{"_id":"5aba884c4f1c1b8f778b7cef","slug":"201522174028-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष का कारावास
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। थाना सिरसागंज क्षेत्र में तीन वर्ष पूर्व युवती से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी कोर्ट नंबर प्रथम ने एक आरोपी को दस वर्ष और दूसरे आरोपी को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।
मामला थाना सिरसागंज क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने थाने में दर्ज कराए अभियोग में कहा था कि 25 जुलाई 2015 को उसकी बेटी शौच को गई थी। विजय उर्फ संटू पुत्र सोबरन सिंह और उसका साथी धातरी खेड़ा निवासी राजू पुत्र जगदीश बेटी को भगा ले गया था। तीन दिन तक कमरे में बंद रखकर विजय ने दुष्कर्म किया। पैसा खत्म होने पर दोस्त के गांव आने पर पुलिस ने बेटी को बरामद कर लिया था। मामले की विवेचना कर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। मामला अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मृदुल दुबे के न्यायालय में पहुंचा।
शासन की ओर से पैरवी नरेंद्र राठौर एडवोकेट ने करते हुए हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट के कई दलीलें पेश कर सख्त सजा दिलाने की पैरवी की। न्यायाधीश ने दुष्कर्म के आरोपी विजय कुमार उर्फ सिंटू को दोषी मानते हुए दस वर्ष का कारावास एंव 55 हजार का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। धारा 366 में विजय एवं उसके साथी राजू को सात वर्ष का कारावास और पांच हजार अर्थदंड लगाया है। नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला थाना सिरसागंज क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने थाने में दर्ज कराए अभियोग में कहा था कि 25 जुलाई 2015 को उसकी बेटी शौच को गई थी। विजय उर्फ संटू पुत्र सोबरन सिंह और उसका साथी धातरी खेड़ा निवासी राजू पुत्र जगदीश बेटी को भगा ले गया था। तीन दिन तक कमरे में बंद रखकर विजय ने दुष्कर्म किया। पैसा खत्म होने पर दोस्त के गांव आने पर पुलिस ने बेटी को बरामद कर लिया था। मामले की विवेचना कर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। मामला अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मृदुल दुबे के न्यायालय में पहुंचा।
विज्ञापन
शासन की ओर से पैरवी नरेंद्र राठौर एडवोकेट ने करते हुए हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट के कई दलीलें पेश कर सख्त सजा दिलाने की पैरवी की। न्यायाधीश ने दुष्कर्म के आरोपी विजय कुमार उर्फ सिंटू को दोषी मानते हुए दस वर्ष का कारावास एंव 55 हजार का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। धारा 366 में विजय एवं उसके साथी राजू को सात वर्ष का कारावास और पांच हजार अर्थदंड लगाया है। नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
विज्ञापन