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मजिस्ट्रेट की जांच में नहीं मिले साक्ष्य
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:17 PM IST
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कासगंज।
तिरंगा यात्रा में गोली लगने से मौत का शिकार हुए युवक चंदन गुप्त, घायल युवक नौशाद व अन्य आगजनी के मामलों को लेकर चल रही मजिस्ट्रेटी जांच के लिए लोगों ने अभी तक साक्ष्य नहीं दिए हैं। बल्कि तमाम पीड़ित अपनी शिकायतें दे रहे हैं।
मजिस्ट्रेटी जांच के लिए जांच अधिकारी मनीष नाहर लगातार सार्वजनिक सूचना के आधार पर लोगों से हत्या व हिंसा के मामलों को लेकर साक्ष्य मांग रहे हैं। अभी तक किसी ने भी कोई साक्ष्य नहीं दिया है। जबकि लोग अपनी बेगुनाही के सबूत देने व हिंसा से जुड़ी अन्य शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। पुलिस को दी जाने वाली शिकायतें भी अपर जिलाधिकारी न्यायिक को दी जा रहीं हैं। कुछ शिकायतें डाक से भी भेजी गई हैैं। साक्ष्य न मिलने के कारण मजिस्ट्रेटी जांच भी आगे नहीं बढ़ पा रही। अब जिला प्रशासन मजिस्ट्रेटी जांच के लिए और समय बढ़ा सकता है। अपर जिलाधिकारी न्यायिक मनीष नाहर का कहना है कि अभी तक साक्ष्य संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला है और न ही किसी ने कोई बयान दर्ज कराया है।
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तिरंगा यात्रा में गोली लगने से मौत का शिकार हुए युवक चंदन गुप्त, घायल युवक नौशाद व अन्य आगजनी के मामलों को लेकर चल रही मजिस्ट्रेटी जांच के लिए लोगों ने अभी तक साक्ष्य नहीं दिए हैं। बल्कि तमाम पीड़ित अपनी शिकायतें दे रहे हैं।
मजिस्ट्रेटी जांच के लिए जांच अधिकारी मनीष नाहर लगातार सार्वजनिक सूचना के आधार पर लोगों से हत्या व हिंसा के मामलों को लेकर साक्ष्य मांग रहे हैं। अभी तक किसी ने भी कोई साक्ष्य नहीं दिया है। जबकि लोग अपनी बेगुनाही के सबूत देने व हिंसा से जुड़ी अन्य शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। पुलिस को दी जाने वाली शिकायतें भी अपर जिलाधिकारी न्यायिक को दी जा रहीं हैं। कुछ शिकायतें डाक से भी भेजी गई हैैं। साक्ष्य न मिलने के कारण मजिस्ट्रेटी जांच भी आगे नहीं बढ़ पा रही। अब जिला प्रशासन मजिस्ट्रेटी जांच के लिए और समय बढ़ा सकता है। अपर जिलाधिकारी न्यायिक मनीष नाहर का कहना है कि अभी तक साक्ष्य संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला है और न ही किसी ने कोई बयान दर्ज कराया है।
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