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कहीं मतदाता तो कहीं बीएलओ नहीं मिले
Updated Sun, 21 Jan 2018 11:41 PM IST
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फिरोजाबाद। रविवार को आयोजित विशेष बूथ डे के दौरान जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थापित 1939 बूथों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, संशोधन कराने को जरूरी प्रपत्र भरवाए गए। 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवा वर्ग भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए पोलिंग बूथों पर पहुंचे।
रॉयल सिटी पब्लिक स्कूल की बाहर पड़ी तीन कुर्सियों पर बीएलओ मौजूद थे। दोपहर तक उनके पास फार्म जमा करने को कोई नहीं पहुंचा था। तीनों घर-घर सर्वे के दौरान मिली सूची को संभालने में जुटी थीं। राष्ट्रीय श्रमिक उच्चतर माध्यमिक स्कूल करबला स्कूल प्रांगण में बूथ तो सात हैं। लेकिन यहां बीएलओ तो चार ही मौजूद मिलीं। करबला निवासी ज्योति राठौर खुद का नाम खोजने में जुटी थीं। अर्चना देवी अपनी सास अंगूरी देवी के साथ सूची में नाम खोजने पहुंची।
प्राथमिक स्कूल नगला बरी का स्कूल परिसर काफी नीचा होने के कारण यहां पर दोनों बीएलओ स्कूल प्रांगण के बाहर मौजूद मिलीं। मोहल्ले में रहने वाली इमराना सुपर गली निवासी सलमान खुद का नाम मतदाता सूची में खोज रहे थे।
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उच्च प्राथमिक स्कूल सैलई, अंबेडकर छात्रावास और उच्च प्राथमिक स्कूल सैलई के बीएलओ एक ही स्थान पर बैठे थे। पूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर चेकिंग करने पहुंचे थे। कुछ बीएलओ लंच करने में व्यस्त थीं।
बूथ संख्या 215 पर तैनात किए बीएलओ गंगासरन काफी परेशान दिखाई दिए। बीएलओ का कहना था कि हम मुहल्ले में जा रहे हैं तो मतदाता सूची में मकान नंबर ही नहीं डाले गए। आखिर मतदाताओं को कैसे खोजें। यहां पर कई के बूथ बदल गए। इसके कारण पूरी सूची दोबारा से समझने में दिक्कत हो रही है।
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रॉयल सिटी पब्लिक स्कूल की बाहर पड़ी तीन कुर्सियों पर बीएलओ मौजूद थे। दोपहर तक उनके पास फार्म जमा करने को कोई नहीं पहुंचा था। तीनों घर-घर सर्वे के दौरान मिली सूची को संभालने में जुटी थीं। राष्ट्रीय श्रमिक उच्चतर माध्यमिक स्कूल करबला स्कूल प्रांगण में बूथ तो सात हैं। लेकिन यहां बीएलओ तो चार ही मौजूद मिलीं। करबला निवासी ज्योति राठौर खुद का नाम खोजने में जुटी थीं। अर्चना देवी अपनी सास अंगूरी देवी के साथ सूची में नाम खोजने पहुंची।
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प्राथमिक स्कूल नगला बरी का स्कूल परिसर काफी नीचा होने के कारण यहां पर दोनों बीएलओ स्कूल प्रांगण के बाहर मौजूद मिलीं। मोहल्ले में रहने वाली इमराना सुपर गली निवासी सलमान खुद का नाम मतदाता सूची में खोज रहे थे।
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उच्च प्राथमिक स्कूल सैलई, अंबेडकर छात्रावास और उच्च प्राथमिक स्कूल सैलई के बीएलओ एक ही स्थान पर बैठे थे। पूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर चेकिंग करने पहुंचे थे। कुछ बीएलओ लंच करने में व्यस्त थीं।
बूथ संख्या 215 पर तैनात किए बीएलओ गंगासरन काफी परेशान दिखाई दिए। बीएलओ का कहना था कि हम मुहल्ले में जा रहे हैं तो मतदाता सूची में मकान नंबर ही नहीं डाले गए। आखिर मतदाताओं को कैसे खोजें। यहां पर कई के बूथ बदल गए। इसके कारण पूरी सूची दोबारा से समझने में दिक्कत हो रही है।