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महाराष्ट्र की पहली महिला आईपीएस मीरा वृंदावन पहुंची
Updated Sat, 09 Dec 2017 08:21 PM IST
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ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण के साथ मीरा व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन (मथुरा)। महाराष्ट्र की पुलिस अधिकारी मीरा बोरवांकर शनिवार को वृंदावन पहुंची। यहां उन्होंने ब्रज फांउडेशन की ओर कराए जा रहे जीर्णोंद्धार कार्य का अवलोकन किया।
ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण ने बताया कि मीरा बोरवांकर महाराष्ट्र कैडर की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें मुंबई की ज्वांइट पुलिस कमिश्नर (क्राइम) बनाया गया था।
मुबंई के अपराध और अंडरवर्ल्ड जगत में कभी एक महिला को क्राइम विभाग की जिम्मेदारी नहीं दी गई, लेकिन मीरा ने इस जिम्मेदारी को बखूबी पूरा किया। बॉलीवुड ने उनके जीवन पर फिल्म भी बनाई। जिसमें मीरा बोरवांकर के किरदार को रानी मुखर्जी ने अदा किया। 26/11 के मुंबई हमले में जिंदा बचे आतंकी अजमल कसाब और 1993 के मुंबई बमकांड के आरोपी याकूब मेनन को फांसी दिलाने में भी उनकी भूमिका रही।
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हाल ही में भारत सरकार में पुलिस महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुईं मीरा बोरवांकर ने अपने जीवन के अनुभवों पर लघु पुस्तिका ‘लीव्ज ऑफ लाइफ’ लिखी है। पुस्तक महिलाओं के साथ छात्राओं प्रोत्साहन देने वाली हैं। मीरा बताती हैं कि किस तरह पंजाब के जालंधर शहर से मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा होकर साधारण शिक्षा प्राप्त कर वह अपनी कड़ी मेहनत और पक्के इरादों से इन ऊंचाइयों पर पहुंची। उन्होंने बताया कि कानून विषय पर पीएचडी कर देश-विदेश में अपराध जगत के बारे में गहन अध्यन किया है। वृंदावन दौरे में उन्होंने रामताल कुंड, जयकुंड, अजयवन, ब्रह्म वन, संकर्षण कुंड, ऋणमोचन आदि का अवलोकन किया।
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ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण ने बताया कि मीरा बोरवांकर महाराष्ट्र कैडर की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें मुंबई की ज्वांइट पुलिस कमिश्नर (क्राइम) बनाया गया था।
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मुबंई के अपराध और अंडरवर्ल्ड जगत में कभी एक महिला को क्राइम विभाग की जिम्मेदारी नहीं दी गई, लेकिन मीरा ने इस जिम्मेदारी को बखूबी पूरा किया। बॉलीवुड ने उनके जीवन पर फिल्म भी बनाई। जिसमें मीरा बोरवांकर के किरदार को रानी मुखर्जी ने अदा किया। 26/11 के मुंबई हमले में जिंदा बचे आतंकी अजमल कसाब और 1993 के मुंबई बमकांड के आरोपी याकूब मेनन को फांसी दिलाने में भी उनकी भूमिका रही।
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हाल ही में भारत सरकार में पुलिस महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुईं मीरा बोरवांकर ने अपने जीवन के अनुभवों पर लघु पुस्तिका ‘लीव्ज ऑफ लाइफ’ लिखी है। पुस्तक महिलाओं के साथ छात्राओं प्रोत्साहन देने वाली हैं। मीरा बताती हैं कि किस तरह पंजाब के जालंधर शहर से मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा होकर साधारण शिक्षा प्राप्त कर वह अपनी कड़ी मेहनत और पक्के इरादों से इन ऊंचाइयों पर पहुंची। उन्होंने बताया कि कानून विषय पर पीएचडी कर देश-विदेश में अपराध जगत के बारे में गहन अध्यन किया है। वृंदावन दौरे में उन्होंने रामताल कुंड, जयकुंड, अजयवन, ब्रह्म वन, संकर्षण कुंड, ऋणमोचन आदि का अवलोकन किया।