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टूंडला सपा ब्लाक प्रमुख की याचिका रद्द
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:40 PM IST
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टूंडला। तख्ता पलट राजनीति के बीच ब्लाक प्रमुख की साख बचाने को उच्च न्यायालय गईं टूंडला ब्लाक प्रमुख बीना यादव को राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को रद्द कर दिया है। अब टूंडला तहसील की नारखी ब्लाक के बाद टूंडला ब्लाक भी भाजपा की झोली में जा सकती है या नहीं। इसका फैसला 11 अगस्त के शक्ति परीक्षण से तय होगा।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा के समक्ष विगत 19 जुलाई को टूंडला खंड विकास के 115 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 75 सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख बीना यादव के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए शपथ-पत्र सौंपा था। डीएम ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों की वीडियोग्राफी कराते हुए फोटो के मिलान कराये थे। साथ ही एडीएम से जांच कराई थी। इसके बाद उन्होंने 11 अगस्त को शक्ति परीक्षण के लिए तिथि तय की थी। बीना यादव ने भाजपा द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले बीडीसी के शपथ पत्रों को फर्जी बताया था। साथ ही जांच की मांग की थी, जिसे डीएम ने ठुकरा दिया था। इस पर बीना यादव ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। 11 अगस्त को होने वाले शक्ति परीक्षण के लिए एसडीएम टूंडला सुरेश कुमार को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है।
अलग-अलग नाम होने से रद्द की याचिका
टूंडला। ब्लाक प्रमुख बीना देवी ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में अपने पहचान-पत्र आधार लगाया है। इसमें बीना कुमारी अंकित है, जबकि प्रशासन की तालिका में उनका नाम बीना यादव भेजा है। यही नहीं अविश्वास लाने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख का नाम उनकी पहचान पत्र के मुताबिक बीना देवी अंकित है। अलग-अलग नाम से संशय की स्थित होने पर हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को रद्द कर दी। साथ ही फिर से याचिका दायर करने को कहा है। उधर, ब्लाक प्रमुख के पति सत्यवीर यादव का कहना है कि उनकी याचिका अलग-अलग नाम होने के चलते रद्द कर दी गई है। हाईकोर्ट ने उन्हें दोबारा याचिका दायर करने को कहा है। अब वे दूसरी याचिका 11 अगस्त के बाद ही करेंगे। अगर डीएम उन 19 सदस्यों से भी मतदान करातीं हैं तो वे कोर्ट जाएंगे।
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19 बीडीसी अयोग्य मिले तो फंसेगा पेच
टूंडला। ब्लाक टूंडला में 115 बीडीसी हैं। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले 75 बीडीसी हैं। इनमें शपथ न लेने वाले 19 बीडीसी बताए गये हैं। बहुमत के लिए 58 बीडीसी की जरूरत है। अगर वे 19 सदस्य मतदान के अयोग्य पाए गये तो पेच फंस सकता है।
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जिलाधिकारी नेहा शर्मा के समक्ष विगत 19 जुलाई को टूंडला खंड विकास के 115 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 75 सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख बीना यादव के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए शपथ-पत्र सौंपा था। डीएम ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों की वीडियोग्राफी कराते हुए फोटो के मिलान कराये थे। साथ ही एडीएम से जांच कराई थी। इसके बाद उन्होंने 11 अगस्त को शक्ति परीक्षण के लिए तिथि तय की थी। बीना यादव ने भाजपा द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले बीडीसी के शपथ पत्रों को फर्जी बताया था। साथ ही जांच की मांग की थी, जिसे डीएम ने ठुकरा दिया था। इस पर बीना यादव ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। 11 अगस्त को होने वाले शक्ति परीक्षण के लिए एसडीएम टूंडला सुरेश कुमार को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है।
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अलग-अलग नाम होने से रद्द की याचिका
टूंडला। ब्लाक प्रमुख बीना देवी ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में अपने पहचान-पत्र आधार लगाया है। इसमें बीना कुमारी अंकित है, जबकि प्रशासन की तालिका में उनका नाम बीना यादव भेजा है। यही नहीं अविश्वास लाने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख का नाम उनकी पहचान पत्र के मुताबिक बीना देवी अंकित है। अलग-अलग नाम से संशय की स्थित होने पर हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को रद्द कर दी। साथ ही फिर से याचिका दायर करने को कहा है। उधर, ब्लाक प्रमुख के पति सत्यवीर यादव का कहना है कि उनकी याचिका अलग-अलग नाम होने के चलते रद्द कर दी गई है। हाईकोर्ट ने उन्हें दोबारा याचिका दायर करने को कहा है। अब वे दूसरी याचिका 11 अगस्त के बाद ही करेंगे। अगर डीएम उन 19 सदस्यों से भी मतदान करातीं हैं तो वे कोर्ट जाएंगे।
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19 बीडीसी अयोग्य मिले तो फंसेगा पेच
टूंडला। ब्लाक टूंडला में 115 बीडीसी हैं। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले 75 बीडीसी हैं। इनमें शपथ न लेने वाले 19 बीडीसी बताए गये हैं। बहुमत के लिए 58 बीडीसी की जरूरत है। अगर वे 19 सदस्य मतदान के अयोग्य पाए गये तो पेच फंस सकता है।