{"_id":"5963b87a4f1c1b74028b4602","slug":"201499707514-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेंदुए की दहशत, ग्रामीणों ने डिप्टी रेंजर को घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेंदुए की दहशत, ग्रामीणों ने डिप्टी रेंजर को घेरा
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
जंगल में तेंदुआ ढूंढते ग्रामीण।
- फोटो : जंगल में तेंदुआ ढूंढते ग्रामीण।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरह (मथुरा)। रैपुरा जाट गांव के जंगलों में तेंदुए के आने की आशंका ने लोगों की नींद उड़ा दी है। लगातार दूसरे दिन ग्रामीण जंगलों में डटे रहे। वहीं, देर शाम जंगल में पहुंचे वन विभाग के डिप्टी रेंजर दिलीप सिंह को देख गुस्साए ग्रामीणों का पारा चढ़ गया। उन्होंने डिप्टी रेंजर्स को घेर कर खरी खोटी सुनाई। इसके बाद डिप्टी रेंजर्स को जानवर के पंजों के निशान भी दिखाए। उधर, वन के अफसरों का मानना है तेंदुए के होने की संभावना नजर नहीं आ रही है।
रविवार शाम रैपुरा जाट गांव के निकट एक किसान ने अपने खेत में तेंदुए की शक्ल का जानवर देखा। इस पर उसने शोर मचा दिया। ग्रामीण पहुंचे तो खेत में उसके पैरों के निशान भी नजर आए। इस पर वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। वन रेंजर्स मुकेश कुमार मीना के साथ टीम पहुंची और जंगलों में जाकर देखा लेकिन कोई ऐसा पुख्ता निशान नहीं मिला जिससे तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हो सके। उधर, सोमवार सुबह से ही ग्रामीण जंगलों में पहुंच गए।
सूचना पर भी वन विभाग की टीम न पहुंचने पर ग्रामीणों में रोष था। ग्रामीणों ने देर शाम पहुंचे डिप्टी रेंजर को घेर कर जानवर के पंजों के निशान दिखाए। मामले में सामाजिकी वानिकी प्रभागीय निदेशक मनीष मित्तल ने बताया ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग के रेंजर्स के साथ टीम को भेजा गया है। लेकिन तेंदुए की मौजूदगी की संभावना बेहद कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार शाम रैपुरा जाट गांव के निकट एक किसान ने अपने खेत में तेंदुए की शक्ल का जानवर देखा। इस पर उसने शोर मचा दिया। ग्रामीण पहुंचे तो खेत में उसके पैरों के निशान भी नजर आए। इस पर वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। वन रेंजर्स मुकेश कुमार मीना के साथ टीम पहुंची और जंगलों में जाकर देखा लेकिन कोई ऐसा पुख्ता निशान नहीं मिला जिससे तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हो सके। उधर, सोमवार सुबह से ही ग्रामीण जंगलों में पहुंच गए।
विज्ञापन
सूचना पर भी वन विभाग की टीम न पहुंचने पर ग्रामीणों में रोष था। ग्रामीणों ने देर शाम पहुंचे डिप्टी रेंजर को घेर कर जानवर के पंजों के निशान दिखाए। मामले में सामाजिकी वानिकी प्रभागीय निदेशक मनीष मित्तल ने बताया ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग के रेंजर्स के साथ टीम को भेजा गया है। लेकिन तेंदुए की मौजूदगी की संभावना बेहद कम है।
विज्ञापन