{"_id":"5cb2141abdec2214516f6069","slug":"191555174426-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले चरण में ईवीएम दिक्कत आने के बाद प्रशासन सतर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले चरण में ईवीएम दिक्कत आने के बाद प्रशासन सतर्क
विज्ञापन
ईवीएम-वीवीपैट (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। पहले चरण में हुए मतदान में जगह-जगह ईवीएम खराब होने की सूचनाओं के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले में होने वाले मतदान में इस अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। साथ ही कार्मिकों को प्रयोग को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
दरअसल, पहले चरण में 11 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान जगह-जगह ईवीएम खराब होने के मामले सामने आए थे। साथ ही कई जगहों से मतदान बाधित होने की सूचनाएं मिली थीं। अब जिले में 18 अप्रैल को जलेसर विस क्षेत्र में मतदान होना है। मतदान के दौरान ईवीएम की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग का मानना है कि ईवीएम खराब होने की स्थिति महज 1.60 फीसदी बनती है। इसके लिए कार्मिकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान बार-बार कार्मिकों को ईवीएम प्रयोग कराया जा रहा है। साथ ही जिज्ञासा को पूछने के बारे में कहा जा रहा है। वहीं कार्मिकों की शंका के समाधान के लिए पोलिंग पार्टी की रवानगी के दौरान भी कैंप लगाया जाएगा। जहां मास्टर ट्रेनर अंतिम समय तक कार्मिकों की मदद करेंगे। साथ ही प्रयोग भी कराएंगे। एडीएम वित्त एवं राजस्व केशव कुमार ने बताया कि ईवीएम खराब होने के अधिकतर मामले कार्मिकों के अधूरे ज्ञान के कारण होते हैं। इसके लिए कार्मिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बार-बार प्रयोग भी कराया जा रहा है। अगर कोई दिक्कत आती है, तो क्षेत्र में सेक्टर मजिस्ट्रेट को जिम्मा सौंपा गया है। वे कार्मिकों की मदद करेंगे।
विज्ञापन
दरअसल, पहले चरण में 11 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान जगह-जगह ईवीएम खराब होने के मामले सामने आए थे। साथ ही कई जगहों से मतदान बाधित होने की सूचनाएं मिली थीं। अब जिले में 18 अप्रैल को जलेसर विस क्षेत्र में मतदान होना है। मतदान के दौरान ईवीएम की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग का मानना है कि ईवीएम खराब होने की स्थिति महज 1.60 फीसदी बनती है। इसके लिए कार्मिकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान बार-बार कार्मिकों को ईवीएम प्रयोग कराया जा रहा है। साथ ही जिज्ञासा को पूछने के बारे में कहा जा रहा है। वहीं कार्मिकों की शंका के समाधान के लिए पोलिंग पार्टी की रवानगी के दौरान भी कैंप लगाया जाएगा। जहां मास्टर ट्रेनर अंतिम समय तक कार्मिकों की मदद करेंगे। साथ ही प्रयोग भी कराएंगे। एडीएम वित्त एवं राजस्व केशव कुमार ने बताया कि ईवीएम खराब होने के अधिकतर मामले कार्मिकों के अधूरे ज्ञान के कारण होते हैं। इसके लिए कार्मिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बार-बार प्रयोग भी कराया जा रहा है। अगर कोई दिक्कत आती है, तो क्षेत्र में सेक्टर मजिस्ट्रेट को जिम्मा सौंपा गया है। वे कार्मिकों की मदद करेंगे।
विज्ञापन