फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   गलत वेतनमान निर्धारण में फंसे तीन कर संग्रहकर्ता, एफआईआर के आदेश

गलत वेतनमान निर्धारण में फंसे तीन कर संग्रहकर्ता, एफआईआर के आदेश

Thu, 03 Jan 2019 10:32 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jan 2019 10:32 PM IST
विज्ञापन
गलत वेतनमान निर्धारण में फंसे तीन कर संग्रहकर्ता, एफआईआर के  आदेश

विज्ञापन
फिरोजाबाद। नगर निगम में तैनात तीन कर संग्रहकर्ता सालों से निर्धारित से अधिक वेतनमान लेकर नगर निगम को चूना लगा रहे थे। डीएम ने जांच के लिए पत्रावली उपलब्ध न कराने पर ऐसे तीन कर संग्रहकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

मामला नगर निगम के टैक्स विभाग में तैनात तीन कर संग्रहकर्ता छकौड़ीलाल, वेदप्रकाश और नारायन प्रताप से जुड़ा है। यह तीनों कर्मचारी सालों से निर्धारित से अधिक वेतनमान ले रहे हैं। नगर निगम सूत्रों के मुताबिक छकौड़ीलाल की नगर पालिका (वर्तमान में नगर निगम) में वर्ष 1990 में दैनिक वेतनभोगी में पंप चालक के रूप में तैनाती हुई थी।
विज्ञापन


वर्ष 2009 में उसे नियमित किया गया। वेदप्रकाश और नारायन प्रताप वर्ष 2004 में नियमित हुए। नियमित होने के दिन कर्मचारियों को एसीपी (पदोन्नत वेतनमान) का लाभ मिलना था। तीनों कर्मचारियों ने नगर पालिका कार्यकाल में एसीपी का गलत निर्धारण कर लिया। तीनों कर्मचारियों का ग्रेड-पे 1800 लगना चाहिए था, जबकि यह सालों से 2800 ग्रेड-पे के हिसाब से वेतन ले रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


नगर निगम बनने के बाद भी तीनों कर्मचारियों का गलत निर्धारण से वेतन मिलता रहा। तीनों कर्मचारियों के अधिक वेतन लेने की शिकायत एक साल पहले तत्कालीन नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार से की गई थी। तत्कालीन नगर आयुक्त रविंद्रपाल सिंह के सामने भी यह मामला आया तो उन्होंने तीनों कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश जारी किए। फिर भी पत्रावलियां उपलब्ध नहीं कराई गईं।

नगर आयुक्त का चार्ज मिलने के बाद डीएम नेहा शर्मा के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने गलत एसीपी निर्धारण की जांच के लिए पत्रावली उपलब्ध न कराने पर तीन कर संग्रहकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए, जिससे नगर निगम में हड़कंप मच गया। डीएम ने कहा है कि तीनों की सर्विस बुक की पैनल से जांच कराई जाएगी। जांच में गलत वेतन निकला तो दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

नगर आयुक्त के निर्देश पर मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने जांच के लिए तीनों कर्मचारियों की पत्रावलियां मांगी कई बार नोटिस जारी किए गए। पत्रावली उपलब्ध न कराने पर मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने प्रमुख सचिव को भी रिपोर्ट भेर्जी। इसके बावजूद पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई गईं।


नगर निगम सूत्रों का कहना है कि डीएम ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई तो तीनों कर्मचारियों से 25 से 30 तक लाख रुपये की रिकवरी हो सकती है। तीनों कर्मचारी प्रतिमाह निर्धारित से करीब 11 हजार अधिक वेतन ले रहे हैं।



डीएम के एफआईआर के निर्देश जारी करते ही नगर निगम में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कर्मचारियों ने पत्रावलियां कर निर्धारण अधिकारी अनिल कुमार को सौंपी। कर निर्धारण अधिकारी ने मामले की जांच के लिए पत्रावलियां मुख्य नगर लेखा परीक्षक रामकृष्ण पांडे को सौंप दी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed