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सिक्सलेन में मानकों के विपरीत किया जा रहा भूमि अधिग्रहण
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कासगंज।
बरेली-मथुरा सिक्सलेन सड़क परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। इस जिले की सबसे उपजाऊ और कीमती भूमि को अधिग्रहण के दायरे में लिया जा रहा है। जिससे किसान चिंतित हैं और इस भूमि के अधिग्रहण से जिले के विकास में अवरोध पैदा होगा। लोग सिक्सलेन के रूट परिवर्तन की मांग उठा रहे हैं।
किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष कुलदीप पांडे ने इस संबंध में साफ किया है कि किसानों की कीमती और अच्छी किस्म की उपजाऊ भूमि का सड़क के लिए अधिग्रहण नहीं करना चाहिए। इससे किसानों को काफी क्षति होगी साथ ही जिले के विकास में अवरोध पैदा होगा। उन्होंने कहा कि बड़ी सड़क परियोजना के लिए दूर दृष्टि से योजना तैयार करनी चाहिए।
जहां पहले से फोरलेन सड़क निर्माणाधीन है उसी के समानांतर सिक्सलेन सड़क बनाने का कोई औचित्य नहीं। इसके लिए सिक्सलेन के रूट में कुछ परिवर्तन करके विकास से अछूते इलाके को विकास से जोड़ा जा सकता है और कटरी की बंजर भूमि का उपयोग किया जा सकता है। जिससे न केवल परियोजना की लागत में कमी आएगी, बल्कि विकास से वंचित इलाकों को विकास का अवसर मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि किसान यूनियन ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पूर्व में ज्ञापन भी सौंपा है। आगे भी प्रस्ताव में संसोधन के लिए कोशिशें जारी रहेंगी। वहीं व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल का कहना है कि कासगंज से सोरों के बीच काफी कारोबारी गतिविधियां विस्तार ले रहीं हैं। जिससे कासगंज और सोरों के बीच में अच्छे विकास के अवसर बन रहे हैं।
सिक्सलेन के भूमि अधिग्रहण से विकास कार्यों को झटका लगेगा और विकास रुकेगा। उन्होंने भी सिक्सलेन के प्रस्ताव में संसोधन की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल शीघ्र ही संबंध में मांगपत्र जिला प्रशासन को सौंपेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब विकास से अछूते क्षेत्र को इस परियोजना से जोड़ा जाए।
बरेली-मथुरा सिक्सलेन सड़क परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। इस जिले की सबसे उपजाऊ और कीमती भूमि को अधिग्रहण के दायरे में लिया जा रहा है। जिससे किसान चिंतित हैं और इस भूमि के अधिग्रहण से जिले के विकास में अवरोध पैदा होगा। लोग सिक्सलेन के रूट परिवर्तन की मांग उठा रहे हैं।
किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष कुलदीप पांडे ने इस संबंध में साफ किया है कि किसानों की कीमती और अच्छी किस्म की उपजाऊ भूमि का सड़क के लिए अधिग्रहण नहीं करना चाहिए। इससे किसानों को काफी क्षति होगी साथ ही जिले के विकास में अवरोध पैदा होगा। उन्होंने कहा कि बड़ी सड़क परियोजना के लिए दूर दृष्टि से योजना तैयार करनी चाहिए।
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जहां पहले से फोरलेन सड़क निर्माणाधीन है उसी के समानांतर सिक्सलेन सड़क बनाने का कोई औचित्य नहीं। इसके लिए सिक्सलेन के रूट में कुछ परिवर्तन करके विकास से अछूते इलाके को विकास से जोड़ा जा सकता है और कटरी की बंजर भूमि का उपयोग किया जा सकता है। जिससे न केवल परियोजना की लागत में कमी आएगी, बल्कि विकास से वंचित इलाकों को विकास का अवसर मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि किसान यूनियन ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पूर्व में ज्ञापन भी सौंपा है। आगे भी प्रस्ताव में संसोधन के लिए कोशिशें जारी रहेंगी। वहीं व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल का कहना है कि कासगंज से सोरों के बीच काफी कारोबारी गतिविधियां विस्तार ले रहीं हैं। जिससे कासगंज और सोरों के बीच में अच्छे विकास के अवसर बन रहे हैं।
सिक्सलेन के भूमि अधिग्रहण से विकास कार्यों को झटका लगेगा और विकास रुकेगा। उन्होंने भी सिक्सलेन के प्रस्ताव में संसोधन की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल शीघ्र ही संबंध में मांगपत्र जिला प्रशासन को सौंपेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब विकास से अछूते क्षेत्र को इस परियोजना से जोड़ा जाए।