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सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को आजीवन कारावास
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:51 PM IST
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फिरोजाबाद। थाना रामगढ़ क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व मकान में महिला को अकेला पाकर सामूहिक दुष्कर्म और मोबाइल से वीडियो क्लिपिंग बनाने के आरोपियों को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दो-दो लाख का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
थाना रामगढ़ क्षेत्र निवासी महिला अपने भाई व पुत्र के साथ किराए पर कमरा लेकर रहती थी। 23 नवंबर 2014 को ही थाना रसूलपुर क्षेत्र के नसीरगंज निवासी रिहान, अशफाक के साथ आया था। बेटे को कब्जा में लेकर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने के साथ ही उसकी मोबाइल के माध्यम से वीडियो क्लिपिंग भी बनाई थी।
28 नवंबर को ही सुबह आठ बजे दोबारा अशफाक आया और रिहान भाई के बुलाने की बात कहते हुए कहा। उसने इंकार किया तो फिर दोनों दोबारा घर में घुस आए गाली गलौज एवं अभद्रता के साथ ही शहर में बदनाम करने की धमकी दी।
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पीड़िता की तहरीर पर थाना रामगढ़ पुलिस ने अभियोग दर्ज करने के ही साथ जांच करके अपने रिपोर्ट न्यायालय में पेश की थी। यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम मृदुल दुबे के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह राठौर ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट की कई दलीलों को रखते हुए दोनों आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की पहल की।
अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मृदुल दुबे ने सभी गवाहों के ही बयान को ध्यान में रखते हुए आरोपी रिहान उर्फ शमीउद्दीन एवं अशफाक को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ दो-दो लाख का अर्थदंड लगाया है। नहीं देने पर दोनों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
थाना रामगढ़ क्षेत्र निवासी महिला अपने भाई व पुत्र के साथ किराए पर कमरा लेकर रहती थी। 23 नवंबर 2014 को ही थाना रसूलपुर क्षेत्र के नसीरगंज निवासी रिहान, अशफाक के साथ आया था। बेटे को कब्जा में लेकर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने के साथ ही उसकी मोबाइल के माध्यम से वीडियो क्लिपिंग भी बनाई थी।
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28 नवंबर को ही सुबह आठ बजे दोबारा अशफाक आया और रिहान भाई के बुलाने की बात कहते हुए कहा। उसने इंकार किया तो फिर दोनों दोबारा घर में घुस आए गाली गलौज एवं अभद्रता के साथ ही शहर में बदनाम करने की धमकी दी।
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पीड़िता की तहरीर पर थाना रामगढ़ पुलिस ने अभियोग दर्ज करने के ही साथ जांच करके अपने रिपोर्ट न्यायालय में पेश की थी। यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम मृदुल दुबे के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह राठौर ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट की कई दलीलों को रखते हुए दोनों आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की पहल की।
अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम मृदुल दुबे ने सभी गवाहों के ही बयान को ध्यान में रखते हुए आरोपी रिहान उर्फ शमीउद्दीन एवं अशफाक को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ दो-दो लाख का अर्थदंड लगाया है। नहीं देने पर दोनों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।