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गांव में पसरा रहा सन्नाट
Updated Sun, 15 Jul 2018 11:31 PM IST
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कासगंज। ग्राम निजामपुर में दलित युवक संजय की बारात चढ़ने से पूर्व ही गांव की सवर्ण बाहुल्य बस्तियों की गलियों में सन्नाटा पसर गया। सवर्ण परिवारों के दरबाजे बंद रहे। समाज के पुरुष पहले ही गांव छोड़कर अपनी रिश्तेदारी आदि में चले गए थे।
दलित युवक संजय की गांव की दलित युवती शीतल की शादी के मद्देनजर प्रशासन ने गांव के काफी लोगों को पाबंद कर दिया था। बारात चढ़ने के दौरान सवर्ण समाज के लोगों ने भी पूरी तरह से एहतियात बरती। बारात का गांव में दोपहर तीन बजे आने का कार्यक्रम था। समाज के पुरुष वर्ग बारात आने से पहले ही अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारियों में चले गए। उनके घरों में महिलाएं और बच्चे रह गए।
महिलाओं एवं बच्चों ने भी पहले ही गलियों में अपनी आवाजाही बंद कर दी। अपने घरों के दरवाजे बंद कर लोग घरों में कैद हो गए। ऐसे में सवर्ण बाहुल्य बस्ती की गलियों में सन्नाटा पसर गया। बारात अपने निर्धारित समय से तीन घंटे विलंब से गांव में पहुंची। बारात ने तकरीबन सवा घंटे गांव में भ्रमण किया। इस पूरी अवधि तक गलियां सन्नाटा रहा। बारात चढ़नेे के बाद ही गलियों का सन्नाटा दूर हो सका। हालांकि रात में भी लोग अपने घरों में ही रहे।
दलित युवक संजय की गांव की दलित युवती शीतल की शादी के मद्देनजर प्रशासन ने गांव के काफी लोगों को पाबंद कर दिया था। बारात चढ़ने के दौरान सवर्ण समाज के लोगों ने भी पूरी तरह से एहतियात बरती। बारात का गांव में दोपहर तीन बजे आने का कार्यक्रम था। समाज के पुरुष वर्ग बारात आने से पहले ही अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारियों में चले गए। उनके घरों में महिलाएं और बच्चे रह गए।
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महिलाओं एवं बच्चों ने भी पहले ही गलियों में अपनी आवाजाही बंद कर दी। अपने घरों के दरवाजे बंद कर लोग घरों में कैद हो गए। ऐसे में सवर्ण बाहुल्य बस्ती की गलियों में सन्नाटा पसर गया। बारात अपने निर्धारित समय से तीन घंटे विलंब से गांव में पहुंची। बारात ने तकरीबन सवा घंटे गांव में भ्रमण किया। इस पूरी अवधि तक गलियां सन्नाटा रहा। बारात चढ़नेे के बाद ही गलियों का सन्नाटा दूर हो सका। हालांकि रात में भी लोग अपने घरों में ही रहे।
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