{"_id":"5b424b4b4f1c1b0f278b5447","slug":"191531071307-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ लाख पशुओं को लगाया गया टीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ लाख पशुओं को लगाया गया टीका
Updated Sun, 08 Jul 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
cow
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। सरकार द्वारा पशुधन को सुरक्षित व रोग मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे अंत्योदय मिशन के तहत किया गया टीकाकरण सफल रहा है। पशुधन किसान का एक मात्र ऐसा धन है जिसके बल बूते आर्थिक स्थित मजबूत होती है, जिसको शासन पूरी तरह से स्वस्थ्य रखना चाहता है।
पशु एवं चिकित्सा विभाग द्वारा मई से अंत्योदय मिशन के माध्यम से जिले भर में पशुओं का टीकाकरण शुरू कराया गया था। सभी ब्लॉकों में 1.5 लाख पशुओं को टीकाकरण कराकर बरसात से पूर्व ही सुरक्षित करने के प्रयास किए। मगर पशुओं में खुरपका व मुंह पका की बीमारी को मद्देनजर रखते हुए 80 हजार वैक्सीन की विभाग ने मांग की है। बरसात में यह रोग पशुओं के अंदर ज्यादा पनपता है, इसलिए विभाग ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी है। गलाघूंटों रोग भी बरसात के मौसम में पशुओं में फैलने की संभावनाएं रहती हैं।
जिले में डेढ़ लाख पशुओं का टीकाकरण कराकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई गई। वैक्सीन की कमी को देखते हुए 80 हजार की मांग की गई है। जिसमें भेंड बकरी के लिए 30 हजार पीपीएस वैक्सीन अलग से मंगाई है।
विज्ञापन
डा. केपी सिंह, पशु चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
पशु एवं चिकित्सा विभाग द्वारा मई से अंत्योदय मिशन के माध्यम से जिले भर में पशुओं का टीकाकरण शुरू कराया गया था। सभी ब्लॉकों में 1.5 लाख पशुओं को टीकाकरण कराकर बरसात से पूर्व ही सुरक्षित करने के प्रयास किए। मगर पशुओं में खुरपका व मुंह पका की बीमारी को मद्देनजर रखते हुए 80 हजार वैक्सीन की विभाग ने मांग की है। बरसात में यह रोग पशुओं के अंदर ज्यादा पनपता है, इसलिए विभाग ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी है। गलाघूंटों रोग भी बरसात के मौसम में पशुओं में फैलने की संभावनाएं रहती हैं।
विज्ञापन
जिले में डेढ़ लाख पशुओं का टीकाकरण कराकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई गई। वैक्सीन की कमी को देखते हुए 80 हजार की मांग की गई है। जिसमें भेंड बकरी के लिए 30 हजार पीपीएस वैक्सीन अलग से मंगाई है।
विज्ञापन
डा. केपी सिंह, पशु चिकित्साधिकारी