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लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर दिया धरना , विरोध
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:36 PM IST
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जसराना/ फिरोजाबाद। वेतन विसंगतियों एवं पेंशन के साथ अन्य मांगों को लेकर जसराना में मंगलवार को लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर तहसील में धरना दिया। मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन रजिस्ट्रार कानूनगो को सौंपा। फिरोजाबाद में भी नारेबाजी की।
जसराना लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग के साथ अन्य 50 से अधिक विभागों का भी कार्य करते हैं लेकिन उन्हें वेतन केवल लेखपाल संवर्ग का ही दिया जाता है। कार्य संपादन के कारण लेखपाल को विशिष्ट श्रेणी का माना गया है। वेतन ग्रेड पे भी बढ़ाया जाए। वहीं उत्तराखंड की तरह यूपी में भी लेखपाल का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक किया जाए। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष पवन यादव ने कहा कि 2006 से लेखपालों के वेतन में काफी विसंगतियां हैं जो सही नहीं है। लेखपाल क्षेत्र में रहकर कार्य करता है उसके भत्तों में वृद्धि हो।
रजिस्ट्रार कानूनगो को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने कहा कि समस्या का समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। धरना प्रदर्शन में नीलकमल, शिवांश मोहन मिश्रा, उदयवीर सिंह, अविनाश सिंह, पुष्पेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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फिरोजाबाद में लेखपाल संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि शासन स्तर पर लंबे समय से लेखपालों की मांगें लंबित चल रही हैं। सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि वेतन उच्चीकरण प्रारंभिक ग्रेड-पे 2800, वेतन व एसीपी की विसंगतियां दूर की जाएं। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष विनय यादव ने कहा कि वेतन भत्ता 1500 रुपये, मोटर साइकिल भत्ता 2000 रुपये तथा स्टेशनरी भत्ता 750 रुपये दिया जाए। धरने में नेपाल सिंह, महराज सिंह, रक्षपाल सिंह, रामस्वरूप, पवन कुमार, उमेश राठौर, रविंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
टूंडला में लेखपाल संघ अध्यक्ष कृष्णकांत कठेरिया ने कहा सरकार हमारी जायज मांगों को न मानकर हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। जिला मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि हमारी मांगों को राजस्व परिषद के स्वीकृत किए जाने के बावजूद सरकार अनदेखी कर रही है। पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि लेखपाल संवर्ग को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व जिला संयोजक सुखदेव यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद पाल सिंह ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। इस दौरान शीलेन्द्र प्रताप सिंह, विष्णू चंद आदि मौजूद थे।
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जसराना लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग के साथ अन्य 50 से अधिक विभागों का भी कार्य करते हैं लेकिन उन्हें वेतन केवल लेखपाल संवर्ग का ही दिया जाता है। कार्य संपादन के कारण लेखपाल को विशिष्ट श्रेणी का माना गया है। वेतन ग्रेड पे भी बढ़ाया जाए। वहीं उत्तराखंड की तरह यूपी में भी लेखपाल का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक किया जाए। लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष पवन यादव ने कहा कि 2006 से लेखपालों के वेतन में काफी विसंगतियां हैं जो सही नहीं है। लेखपाल क्षेत्र में रहकर कार्य करता है उसके भत्तों में वृद्धि हो।
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रजिस्ट्रार कानूनगो को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। लेखपालों ने कहा कि समस्या का समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। धरना प्रदर्शन में नीलकमल, शिवांश मोहन मिश्रा, उदयवीर सिंह, अविनाश सिंह, पुष्पेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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फिरोजाबाद में लेखपाल संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि शासन स्तर पर लंबे समय से लेखपालों की मांगें लंबित चल रही हैं। सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि वेतन उच्चीकरण प्रारंभिक ग्रेड-पे 2800, वेतन व एसीपी की विसंगतियां दूर की जाएं। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष विनय यादव ने कहा कि वेतन भत्ता 1500 रुपये, मोटर साइकिल भत्ता 2000 रुपये तथा स्टेशनरी भत्ता 750 रुपये दिया जाए। धरने में नेपाल सिंह, महराज सिंह, रक्षपाल सिंह, रामस्वरूप, पवन कुमार, उमेश राठौर, रविंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
टूंडला में लेखपाल संघ अध्यक्ष कृष्णकांत कठेरिया ने कहा सरकार हमारी जायज मांगों को न मानकर हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। जिला मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि हमारी मांगों को राजस्व परिषद के स्वीकृत किए जाने के बावजूद सरकार अनदेखी कर रही है। पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने कहा कि लेखपाल संवर्ग को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व जिला संयोजक सुखदेव यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद पाल सिंह ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। इस दौरान शीलेन्द्र प्रताप सिंह, विष्णू चंद आदि मौजूद थे।