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अब जिले में ही होगी डेंगू की जांच
Updated Sun, 20 May 2018 10:02 PM IST
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मैनपुरी। जिले में बरसात के दौरान होने वाली वेक्टर जनित बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। डेंगू के मरीजों की जांच के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए जनपद के सभी नौ विकास खंड में डेंगू जांच किट उपलब्ध करा दी गई हैं। बरसात के दौरान वेक्टर जनित बीमारियों से मरीजों की संख्या बढ़ने को लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है।
विभाग ने डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने के लिए जनपद में ही जांच की व्यवस्था की है। इसके लिए जनपद के सभी नौ विकास खंड में डेंगू जांच किट भेज दी गई हैं। जनपद में यह व्यवस्था विकास खंड स्तर पर की गई है। सीएचसी कुचेला, घिरोर, कुरावली, सुल्तानगंज, मानपुरहरी, किशनी, सगामई, करहल और बरनाहल को प्रथम चरण में जांच के लिए 10-10 किट उपलब्ध कराई गई हैं।
डेंगू के मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए अब जनपद से बाहर नहीं जाना होगा। जिला अस्पताल में ही डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की जांच की व्यवस्था की जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह ने बताया कि जांच के लिए जिला अस्पताल में सेंट्रलाइज एलेजा मीटर की व्यवस्था की जा रही है। जनपद में अभी तक मात्र एनएस-1 की जांच की व्यवस्था थी।
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अब एलेजा टेस्ट की भी व्यवस्था होगी। इसके लिए जिला अस्पताल की लैब में एलेजा मीटर लगाया जाएगा। जिसका सर्वे करके निदेशक संचारी रोग को रिपोर्ट भेज दी गई है। वर्ष 2017 में जनपद में डेंगू के मरीजों का कहर रहा था। 50 से अधिक मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले थे। वहीं तीन मरीजों की डेंगू से पीड़ित होने के कारण मौत भी हो गई थी। हालांकि मरने वाले मरीज बाहर नौकरी करते थे।
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विभाग ने डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने के लिए जनपद में ही जांच की व्यवस्था की है। इसके लिए जनपद के सभी नौ विकास खंड में डेंगू जांच किट भेज दी गई हैं। जनपद में यह व्यवस्था विकास खंड स्तर पर की गई है। सीएचसी कुचेला, घिरोर, कुरावली, सुल्तानगंज, मानपुरहरी, किशनी, सगामई, करहल और बरनाहल को प्रथम चरण में जांच के लिए 10-10 किट उपलब्ध कराई गई हैं।
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डेंगू के मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए अब जनपद से बाहर नहीं जाना होगा। जिला अस्पताल में ही डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की जांच की व्यवस्था की जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह ने बताया कि जांच के लिए जिला अस्पताल में सेंट्रलाइज एलेजा मीटर की व्यवस्था की जा रही है। जनपद में अभी तक मात्र एनएस-1 की जांच की व्यवस्था थी।
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अब एलेजा टेस्ट की भी व्यवस्था होगी। इसके लिए जिला अस्पताल की लैब में एलेजा मीटर लगाया जाएगा। जिसका सर्वे करके निदेशक संचारी रोग को रिपोर्ट भेज दी गई है। वर्ष 2017 में जनपद में डेंगू के मरीजों का कहर रहा था। 50 से अधिक मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले थे। वहीं तीन मरीजों की डेंगू से पीड़ित होने के कारण मौत भी हो गई थी। हालांकि मरने वाले मरीज बाहर नौकरी करते थे।