{"_id":"5ac665d24f1c1bdc618b5c86","slug":"191522951634-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यालय के मुख्य गेट पर लिखा जाएगा तंबाकू निषेध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यालय के मुख्य गेट पर लिखा जाएगा तंबाकू निषेध
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
फिरोजाबाद। अब हर इंटर कॉलेज के मुख्य गेट पर तंबाकू निषेध लिखा दिखाई देगी। प्रयोगशालाएं बेहतर और सुसज्जित होंगी। शासन ने माध्यमिक स्कूलों में नए शिक्षा सत्र में सुधारों को लेकर 28 बिदुओं के अनुपालन के निर्देश जारी किए हैं।
इस पर प्रदेश सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए 28 बिंदुओं पर निर्देश जारी किए हैं। इन बिंदुओं में स्कूलों के वातावरण से लेकर पठन-पाठन और अन्य गतिविधियां शामिल हैं। शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट है नए सत्र की शुरूआत में विद्यालयों की साफ-सफाई, पुताई, रंग-रोगन, ब्लैक बोर्ड तैयार कराए जाएं। कक्षों में रोशनी और पंखों की व्यवस्था से लेकर सीसीटीवी कैमरे और साउंड व्यवस्था सुचारू करनी होगी।
समय का चक्र बनाकर उसे हर कक्षा पर चस्पा कराना होगा। प्रवेश प्रक्रिया अभियान चलाकर पूरी कराई जाएगी। शिक्षकों के लिए शिक्षक डायरी पर जोर दिया गया है। हर दिन प्रार्थना स्थल पर स्वच्छता, योगा, सामान्य ज्ञान, महापुरुषों की जयंती पर उनकी जीवनी के बारे में बताया जाएगा। निर्देशों में जो खास है उसमें हर दिन विद्यार्थियों के लिए एक घंटे का खेल अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
प्रयोगशालाओं की हालत में सुधार के साथ ही नियमित प्रयोगात्मक कार्य कराया जाना प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी। स्कूल में शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं के लिए प्रयास किए जाएंगे। पुस्तकालयों के नियमित संचालन के अलावा मतदान दिवस, रक्तदान, मद्यपान निषेध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम के साथ जल संरक्षण को लेकर जागरूकता जरूरी होगा।
शासन ने स्पष्ट किया है कि माध्यमिक स्कूलों में शिक्षण सिर्फ राष्ट्रीयकृत प्रकाशकों की पुस्तकों से ही कराया जाएगा। गैर प्रकाशकों की पुस्तकों से शिक्षण पर प्रधानाचार्य उत्तरदायी होंगे। डीआईओएस रितु गोयल ने सभी प्रधानाचार्यो को निर्देश के अनुपालन के निर्देश दिए हैं।
इस पर प्रदेश सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए 28 बिंदुओं पर निर्देश जारी किए हैं। इन बिंदुओं में स्कूलों के वातावरण से लेकर पठन-पाठन और अन्य गतिविधियां शामिल हैं। शिक्षा निदेशक द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट है नए सत्र की शुरूआत में विद्यालयों की साफ-सफाई, पुताई, रंग-रोगन, ब्लैक बोर्ड तैयार कराए जाएं। कक्षों में रोशनी और पंखों की व्यवस्था से लेकर सीसीटीवी कैमरे और साउंड व्यवस्था सुचारू करनी होगी।
विज्ञापन
समय का चक्र बनाकर उसे हर कक्षा पर चस्पा कराना होगा। प्रवेश प्रक्रिया अभियान चलाकर पूरी कराई जाएगी। शिक्षकों के लिए शिक्षक डायरी पर जोर दिया गया है। हर दिन प्रार्थना स्थल पर स्वच्छता, योगा, सामान्य ज्ञान, महापुरुषों की जयंती पर उनकी जीवनी के बारे में बताया जाएगा। निर्देशों में जो खास है उसमें हर दिन विद्यार्थियों के लिए एक घंटे का खेल अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
प्रयोगशालाओं की हालत में सुधार के साथ ही नियमित प्रयोगात्मक कार्य कराया जाना प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी। स्कूल में शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं के लिए प्रयास किए जाएंगे। पुस्तकालयों के नियमित संचालन के अलावा मतदान दिवस, रक्तदान, मद्यपान निषेध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम के साथ जल संरक्षण को लेकर जागरूकता जरूरी होगा।
शासन ने स्पष्ट किया है कि माध्यमिक स्कूलों में शिक्षण सिर्फ राष्ट्रीयकृत प्रकाशकों की पुस्तकों से ही कराया जाएगा। गैर प्रकाशकों की पुस्तकों से शिक्षण पर प्रधानाचार्य उत्तरदायी होंगे। डीआईओएस रितु गोयल ने सभी प्रधानाचार्यो को निर्देश के अनुपालन के निर्देश दिए हैं।