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जांच में दौ और फर्जी शिक्षक मिले
Updated Thu, 23 Nov 2017 12:09 AM IST
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मैनपुरी। जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को जांच के दौरान दो और फर्जी शिक्षक मिल गए। इसके साथ ही जनपद में फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 80 पहुंच गए।
पिछले 22 दिनों से जनपद में बीएड के फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की जांच चल रही है। एक सप्ताह पूर्व बीएसए ने 77 शिक्षकों को फर्जी मानते हुए सेवा समाप्ति के नोटिस जारी किए थे लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं की जा सकी है। जांच में लगातार फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़ रही है। बुधवार की जांच में बीएसए को दो और शिक्षक फर्जी मिल गए। बीएसए ने इन शिक्षकों को भी देर शाम सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया।
मैनपुरी। फर्जी शिक्षकों को नोटिस जारी होने के बाद उनके साथ ही अपने साथियों की पोल खोलने में लग गए हैं। बीएसए को पहुंच रहे फोन में फर्जी शिक्षक बता रहे हैं कि साहब अभी तो फर्जी शिक्षकों की संख्या बहुत है। गोपनीय तरीके से बीएसए को अन्य छूटे शिक्षकों के नाम बताए जा रहे हैं।
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मैनपुरी । फर्जी शिक्षक भर्ती जांच मामले में शिक्षकों के घर बर्खास्तगी के नोटिस मंगलवार से पहुंचने शुरू हो गए। इससे शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। कई शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें अपनी मार्कशीट फर्जी होने की जानकारी ही नहीं थी। 15 नवंबर को जारी नोटिस उन्हें 21 को मिला इससे भी शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षकों ने कोर्ट की शरण लेने का निर्णय लिया है।
एसआईटी की रिपोर्ट पर कोर्ट के निर्देशानुसार जनपद में की गई जांच में 78 फर्जी शिक्षक पाए गए हैं। इसमें दो दर्जन से अधिक शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने प्रबंधतंत्र कोटे से बीएड किया है। विश्वविद्यालय की परीक्षा में शामिल हुए और अंकपत्र हासिल किया। विधिवत कक्षाएं भी ली, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि उनका अंकपत्र फर्जी है। नोटिस पहुंचने के बाद शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है।
दूसरी तरफ शिक्षकों का आरोप है कि बीएसए कार्यालय से 15 नवंबर को जारी किए गए नोटिस उन लोगों के यहां 20 नवंबर को पहुंचे हैं। इसमें 22 तक स्पष्टीकरण मांगा गया है। सात दिन में मात्र उनके पास एक दिन का समय मिला। प्रबंधतंत्र से बीएड करने वाले दो दर्जन शिक्षकों ने हाईकोर्ट जाने का मान बना लिया है। हालांकि शिक्षक अपने नाम को अभी स्पष्ट नहीं करना चाहते हैं।
मैनपुरी। नोटिस पहुंचते ही शिक्षकों ने स्कूलों में जाना बंद कर दिया है। शिक्षकों को भय है कि कहीं एसआईटी उन्हें हिरासत में लेकर जेल न भेज दे। बीएसए ने भी संकुल प्रभारियों से रिपोर्ट मांगी है।
पिछले 22 दिनों से जनपद में बीएड के फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की जांच चल रही है। एक सप्ताह पूर्व बीएसए ने 77 शिक्षकों को फर्जी मानते हुए सेवा समाप्ति के नोटिस जारी किए थे लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं की जा सकी है। जांच में लगातार फर्जी शिक्षकों की संख्या बढ़ रही है। बुधवार की जांच में बीएसए को दो और शिक्षक फर्जी मिल गए। बीएसए ने इन शिक्षकों को भी देर शाम सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया।
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मैनपुरी। फर्जी शिक्षकों को नोटिस जारी होने के बाद उनके साथ ही अपने साथियों की पोल खोलने में लग गए हैं। बीएसए को पहुंच रहे फोन में फर्जी शिक्षक बता रहे हैं कि साहब अभी तो फर्जी शिक्षकों की संख्या बहुत है। गोपनीय तरीके से बीएसए को अन्य छूटे शिक्षकों के नाम बताए जा रहे हैं।
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मैनपुरी । फर्जी शिक्षक भर्ती जांच मामले में शिक्षकों के घर बर्खास्तगी के नोटिस मंगलवार से पहुंचने शुरू हो गए। इससे शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। कई शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें अपनी मार्कशीट फर्जी होने की जानकारी ही नहीं थी। 15 नवंबर को जारी नोटिस उन्हें 21 को मिला इससे भी शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षकों ने कोर्ट की शरण लेने का निर्णय लिया है।
एसआईटी की रिपोर्ट पर कोर्ट के निर्देशानुसार जनपद में की गई जांच में 78 फर्जी शिक्षक पाए गए हैं। इसमें दो दर्जन से अधिक शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने प्रबंधतंत्र कोटे से बीएड किया है। विश्वविद्यालय की परीक्षा में शामिल हुए और अंकपत्र हासिल किया। विधिवत कक्षाएं भी ली, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि उनका अंकपत्र फर्जी है। नोटिस पहुंचने के बाद शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है।
दूसरी तरफ शिक्षकों का आरोप है कि बीएसए कार्यालय से 15 नवंबर को जारी किए गए नोटिस उन लोगों के यहां 20 नवंबर को पहुंचे हैं। इसमें 22 तक स्पष्टीकरण मांगा गया है। सात दिन में मात्र उनके पास एक दिन का समय मिला। प्रबंधतंत्र से बीएड करने वाले दो दर्जन शिक्षकों ने हाईकोर्ट जाने का मान बना लिया है। हालांकि शिक्षक अपने नाम को अभी स्पष्ट नहीं करना चाहते हैं।
मैनपुरी। नोटिस पहुंचते ही शिक्षकों ने स्कूलों में जाना बंद कर दिया है। शिक्षकों को भय है कि कहीं एसआईटी उन्हें हिरासत में लेकर जेल न भेज दे। बीएसए ने भी संकुल प्रभारियों से रिपोर्ट मांगी है।