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जिले के नौ विद्यालय डिबार, अब नहीं बन पाएंगे परीक्षा केंद्र
Updated Sun, 19 Nov 2017 09:09 PM IST
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- फोटो : amarujala
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एटा। नकल एवं अन्य अनियमितताओं के आरोप में जिले के नौ विद्यालयों को डिबार कर दिया है। ये केंद्र नहीं बनेंगे। इनकी सूची जारी कर दी है। प्रदेश के 431 डिबार विद्यालयों में जिले के नौ विद्यालय शामिल हैं। परिषद सचिव ने डिबार विद्यालयों को आगामी परीक्षाओं में केंद्र न बनाने के निर्देश दिए हैं।
डीआईओएस कार्यालय के अनुसार डिबार सूची में जलज यादव इंटर कॉलेज असरौली, सालिगराम सरपंच उमावि मिरहची, सरस्वती देवी उमावि नगला गुलाबी, गंगादेवी क्षेत्रपाल इंटर कॉलेज लालपुर, प्रभात किरन उमावि कुंवरपुर राजपुर, अवधेश सिंह उमावि खरसेला, श्रीमती भूदेवी इंटर कॉलेज निधौली खुर्द, श्रीमती चित्तर कुंवरि इंटर कालेज गोला कुंआ, मोहिनी देवी इंटर कॉलेज हैं।
डिबार सूची में चिह्नित कोई भी विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनाया है। आठ विद्यालय गत वर्ष की डिबार सूची में भी थे। इस वर्ष एक नया स्कूल भी डिबार सूची में शामिल है।
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- श्याम प्रकाश यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक
79 प्रतिशत छात्राओें को नहीं मिलेगा स्वकेंद्र का लाभ
जिले के 79 प्रतिशत विद्यालयों की छात्राओं को स्वकेंद्र परीक्षा नीति का लाभ नहीं मिल सकेगा। दर्जनों स्कूलों की छात्राओं को तो बीस किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने जाना होगा। ऑनलाइन बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति से उन्हें ये नुकसान उठाना पड़ेगा।
115 परीक्षा केंद्र बनने के बाद जिले के 79 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों की छात्राओं को स्वकेंद्र परीक्षा नीति का लाभ नहीं मिल सकेगा। दर्जनों विद्यालयों के केंद्र बीस से तीस किलोमीटर तक भेजे गए हैं। सूची में आधा दर्जन से अधिक बालिका विद्यालयों को भी केंद्र नहीं बनाया है।
इनमें जीजीआईसी लालगढ़ी, जीजीआईसी वाकलपुर, जीजीआईसी रामनगर सहित तीन राजकीय और महारानी लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कालेज सहित एक एडेड विद्यालय भी हैं। केंद्र सूची से वंचित रहे शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय श्रीराम बाल भारती में बोर्ड की दो सौ से छात्राएं पंजीकृत हैं। महारानी लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. विनीता तिवारी का आरोप है कि बालिका विद्यालय को सूची से वंचित सैकड़ों छात्राओं को स्वकेंद्र नीति से वंचित कर दिया है।
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डीआईओएस कार्यालय के अनुसार डिबार सूची में जलज यादव इंटर कॉलेज असरौली, सालिगराम सरपंच उमावि मिरहची, सरस्वती देवी उमावि नगला गुलाबी, गंगादेवी क्षेत्रपाल इंटर कॉलेज लालपुर, प्रभात किरन उमावि कुंवरपुर राजपुर, अवधेश सिंह उमावि खरसेला, श्रीमती भूदेवी इंटर कॉलेज निधौली खुर्द, श्रीमती चित्तर कुंवरि इंटर कालेज गोला कुंआ, मोहिनी देवी इंटर कॉलेज हैं।
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डिबार सूची में चिह्नित कोई भी विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनाया है। आठ विद्यालय गत वर्ष की डिबार सूची में भी थे। इस वर्ष एक नया स्कूल भी डिबार सूची में शामिल है।
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- श्याम प्रकाश यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक
79 प्रतिशत छात्राओें को नहीं मिलेगा स्वकेंद्र का लाभ
जिले के 79 प्रतिशत विद्यालयों की छात्राओं को स्वकेंद्र परीक्षा नीति का लाभ नहीं मिल सकेगा। दर्जनों स्कूलों की छात्राओं को तो बीस किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने जाना होगा। ऑनलाइन बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति से उन्हें ये नुकसान उठाना पड़ेगा।
115 परीक्षा केंद्र बनने के बाद जिले के 79 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों की छात्राओं को स्वकेंद्र परीक्षा नीति का लाभ नहीं मिल सकेगा। दर्जनों विद्यालयों के केंद्र बीस से तीस किलोमीटर तक भेजे गए हैं। सूची में आधा दर्जन से अधिक बालिका विद्यालयों को भी केंद्र नहीं बनाया है।
इनमें जीजीआईसी लालगढ़ी, जीजीआईसी वाकलपुर, जीजीआईसी रामनगर सहित तीन राजकीय और महारानी लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कालेज सहित एक एडेड विद्यालय भी हैं। केंद्र सूची से वंचित रहे शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय श्रीराम बाल भारती में बोर्ड की दो सौ से छात्राएं पंजीकृत हैं। महारानी लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. विनीता तिवारी का आरोप है कि बालिका विद्यालय को सूची से वंचित सैकड़ों छात्राओं को स्वकेंद्र नीति से वंचित कर दिया है।