फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   सुसाइड नोट पर गौर किए बिना ही लगा दी अंतिम आख्या

सुसाइड नोट पर गौर किए बिना ही लगा दी अंतिम आख्या

Wed, 25 Oct 2017 11:31 PM IST
Updated Wed, 25 Oct 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
सुसाइड नोट पर गौर किए बिना ही लगा दी अंतिम आख्या
फांसी
एटा। सकीट रोड स्थित नवोदय विद्यालय में चार साल पहले फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले छात्र के मामले में पुलिस ने सुसाइड नोट पर गौर किए बिना अंतिम आख्या लगा दी। कोर्ट में आरोपियों के पक्ष में आख्या पहुंची, तो न्यायाधीश ने आख्या को खारिज कर दिया। साथ ही तत्कालीन सीओ और एएसपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीजीपी को पत्र लिखने के निर्देश दिए। वहीं मामले में नवोदय विद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य, शिक्षिका व थानाध्यक्ष के खिलाफ मुकद्दमा चलेगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपियों को तलब किया है।
विज्ञापन


दरअसल, बीगौर स्थित जवाहर निवोदय विद्यालय में 29 जनवरी 2013 को कक्षा 12 के छात्र राजकुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्र ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. आरपी शर्मा, शिक्षिका बीना जैन और रिजोर थाने के थानाध्यक्ष सुबोध यादव के उत्पीड़न से तंग आकर कदम उठाने का जिक्र किया था। मामले में छात्र के साथी आशीष यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। मामले की विवेचना जलेसर पुलिस को सौंपी गई। जिसमें कई दौर में सीओ ने जांच की।
विज्ञापन


कई बार स्थानांतरण के चलते सीओ बदलते रहे। इसके बाद तत्कालीन सीओ आशाराम अहिरवार और एएसपी विसर्जन सिंह यादव ने आशीष यादव व शिक्षकों के बयानों को आधार बनाते हुए सीजेएम अदालत में मुकद्दमा समाप्त कराने को अंतिम आख्या भेजी। कोर्ट में आई आख्या पर मृतक छात्र के पिता मुकेश कुमार ने आपत्ति जताते हुए हाइकोर्ट की विधि प्रक्रिया का हवाला दिया और अंतिम आख्या को गलत बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह को सुना और साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसमें पाया गया कि विवेचक सीओ आशाराम अहिरवार ने सुसाइड नोट पर गौर नहीं किया। साथ ही पर्यवेक्षण अधिकारी एएसपी विसर्जन सिंह यादव ने भी विधिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया है। इस पर अदालत ने पुलिस की अंतिम आख्या को खारिज करते हुए आरोपियों को तलब करने का आदेश जारी किया है। वहीं दोनों पुलिस अधिकारियों के आचरण के संबंध में प्रमुख सचिव व पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed