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हिंदी भाषा को कठिन बताना षड़यंत्र
Updated Fri, 25 Aug 2017 10:54 PM IST
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आगरा। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष डा. बल्देव शर्मा का कहना है कि हिंदी भाषा को कठिन बताना षड्यंत्र है। यह बेहद सरल भाषा है। असहिष्णुता जैसा शब्द सामने आया तो हर जुबान पर पहुंच गया। कोई शब्द चलन में आ जाए तो कठिन नहीं होता।
विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में शुक्रवार को नागरिक अभिनंदन आयोजन के बाद अमर उजाला से वार्ता में डा. शर्मा ने कहा कि वक्त के साथ बहुत सारी चीजें बदल जाती हैं। हर दौर की जरूरत के हिसाब से लेखन होना चाहिए। लेखन के साथ सही प्रस्तुतीकरण भी जरूरी है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से वीरगाथा सीरीज चलाई जा रही है।
इसमें परमवीर चक्र विजेताओं पर इलस्ट्रेशन के प्रयोग वाली पांच किताबें छापी गई हैं। इससे यह विद्यार्थियों को पढ़ने में रोचक लग रही हैं। हिंदी भाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए न्यास ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के साथ एमओयू भी साइन किया है। हिंदी के साथ अन्य भाषाओं में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। देशभर के अलग-अलग भाषाओं के लेखकों के बीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में शुक्रवार को नागरिक अभिनंदन आयोजन के बाद अमर उजाला से वार्ता में डा. शर्मा ने कहा कि वक्त के साथ बहुत सारी चीजें बदल जाती हैं। हर दौर की जरूरत के हिसाब से लेखन होना चाहिए। लेखन के साथ सही प्रस्तुतीकरण भी जरूरी है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से वीरगाथा सीरीज चलाई जा रही है।
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इसमें परमवीर चक्र विजेताओं पर इलस्ट्रेशन के प्रयोग वाली पांच किताबें छापी गई हैं। इससे यह विद्यार्थियों को पढ़ने में रोचक लग रही हैं। हिंदी भाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए न्यास ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के साथ एमओयू भी साइन किया है। हिंदी के साथ अन्य भाषाओं में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। देशभर के अलग-अलग भाषाओं के लेखकों के बीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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