{"_id":"5984a9b14f1c1b0c718b464e","slug":"191501866417-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा
Updated Fri, 04 Aug 2017 11:04 PM IST
विज्ञापन
ganga river
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज।
गंगा की बाढ़ का कहर लगातार बढ़ रहा है। गंगा की खादर के खेतों की फसलों में पानी भर गया है। सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। नरौरा से पानी का दबाव लगातार जारी है। तटवर्ती इलाके के ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं।
गौरतलब है कि गंगा का जलस्तर गुरुवार को 163.60 के निशान पर था, लेकिन शुक्रवार को यह जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 163.70 के निशान पर आ गया। गुरुवार को नरौरा से 1.72 लाख क्यसेक पानी छोड़ा गया था जो सुबह तक कछला ब्रिज से पास हुआ। शुक्रवार को सुबह नरौरा बैराज से 1.66 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज कछला ब्रिज की ओर था। शनिवार को भी मीडियम फ्लड के हालात बने रहने की संभावना है। क्योंकि बिजनौर पर गुरुवार के मुकाबले करीब 30 हजार क्यूसेक पानी फिर से बढ़ गया है।
गंगा का पानी लहरा, डिंगलेशनगर, चकपुरा, बघेला, दतलाना आदि इलाके की खादर के खेतों में जा पहुंचा है। वहीं पटियाली के सुन्नगढ़ी, बस्तौली, ब्राह्मपुर, बगवास, इंद्रा जसनपुर, सनौड़ी, नरदौली आदि इलाके की खादर के खेतों तक पानी की दस्तक जा पहुंची है। इन इलाकों की सैंकड़ों बीघा गन्ना, धान, बाजरा आदि की फसलों में पानी भरा हुआ है।
विज्ञापन
राजस्व टीमों ने शुक्रवार को तटवर्ती इलाकों में भ्रमण करके स्थिति का जायजा लिया। वहीं ग्रामीण भी लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर जमाए रहे। ग्रामीण शंकर ने बताया कि गंगा लगातार बढ़ रही है। अब तो गंगा का बढ़ना रुकना चाहिए।
लहरा और कछला गंगाघाट पर भी जलस्तर बढ़ जाने के कारण श्रद्धालुओं को गंगास्नान करने में दिक्कतें हो रहीं है। कछला पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगाईं गईं बल्लियां भी डूबने लगीं हैं। घाट के लोग श्रद्धालुओं के गंगा स्नान को लेकर चिंतित नजर आए।
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि जिले में अभी तक बाढ़ का खतरा नहीं हैं। केवल कुछ इलाकों के खेतों तक ही पानी पहुंचा है। एक दो दिन में पानी कम होने की उम्मीद है। राजस्व टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह ने कहा कि शुक्रवार को भी मीडियम फ्लड के हालात रहे हैं। शनिवार को भी मीडियम फ्लड की संभावना है। लगातार निगरानी की जा रही है।
नरौरा बैराज से डिस्चार्ज- 166149 क्यूसेक
बिजनौर से डिस्चार्ज- 93972 क्यूसेक
हरिद्वार से डिस्चार्ज- 51988 क्यूसेक
कछला गेज-163.70 मीटर
विज्ञापन
गंगा की बाढ़ का कहर लगातार बढ़ रहा है। गंगा की खादर के खेतों की फसलों में पानी भर गया है। सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। नरौरा से पानी का दबाव लगातार जारी है। तटवर्ती इलाके के ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं।
गौरतलब है कि गंगा का जलस्तर गुरुवार को 163.60 के निशान पर था, लेकिन शुक्रवार को यह जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 163.70 के निशान पर आ गया। गुरुवार को नरौरा से 1.72 लाख क्यसेक पानी छोड़ा गया था जो सुबह तक कछला ब्रिज से पास हुआ। शुक्रवार को सुबह नरौरा बैराज से 1.66 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज कछला ब्रिज की ओर था। शनिवार को भी मीडियम फ्लड के हालात बने रहने की संभावना है। क्योंकि बिजनौर पर गुरुवार के मुकाबले करीब 30 हजार क्यूसेक पानी फिर से बढ़ गया है।
विज्ञापन
गंगा का पानी लहरा, डिंगलेशनगर, चकपुरा, बघेला, दतलाना आदि इलाके की खादर के खेतों में जा पहुंचा है। वहीं पटियाली के सुन्नगढ़ी, बस्तौली, ब्राह्मपुर, बगवास, इंद्रा जसनपुर, सनौड़ी, नरदौली आदि इलाके की खादर के खेतों तक पानी की दस्तक जा पहुंची है। इन इलाकों की सैंकड़ों बीघा गन्ना, धान, बाजरा आदि की फसलों में पानी भरा हुआ है।
विज्ञापन
राजस्व टीमों ने शुक्रवार को तटवर्ती इलाकों में भ्रमण करके स्थिति का जायजा लिया। वहीं ग्रामीण भी लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर जमाए रहे। ग्रामीण शंकर ने बताया कि गंगा लगातार बढ़ रही है। अब तो गंगा का बढ़ना रुकना चाहिए।
लहरा और कछला गंगाघाट पर भी जलस्तर बढ़ जाने के कारण श्रद्धालुओं को गंगास्नान करने में दिक्कतें हो रहीं है। कछला पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगाईं गईं बल्लियां भी डूबने लगीं हैं। घाट के लोग श्रद्धालुओं के गंगा स्नान को लेकर चिंतित नजर आए।
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि जिले में अभी तक बाढ़ का खतरा नहीं हैं। केवल कुछ इलाकों के खेतों तक ही पानी पहुंचा है। एक दो दिन में पानी कम होने की उम्मीद है। राजस्व टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह ने कहा कि शुक्रवार को भी मीडियम फ्लड के हालात रहे हैं। शनिवार को भी मीडियम फ्लड की संभावना है। लगातार निगरानी की जा रही है।
नरौरा बैराज से डिस्चार्ज- 166149 क्यूसेक
बिजनौर से डिस्चार्ज- 93972 क्यूसेक
हरिद्वार से डिस्चार्ज- 51988 क्यूसेक
कछला गेज-163.70 मीटर