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चूड़ी उद्योग पर फिर आंदोलन की आहट
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:53 PM IST
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चूड़ी
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फिरोजाबाद।सुहागनगरी के चूड़ी उद्योग पर फिर से आंदोलन की आहट सुनाई दे रही है। सेवायोजकों द्वारा जुड़ाई श्रमिकाें को समझौते के अनुसार मजदूरी न देने, जुड़ाई के लिए मिट्टी का तेल न देने की शिकायत सोमवार को जिला प्रशासन तक पहुंची।
कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ के प्रतिनिधि मंडल ने एडीएम उदय सिंह से मिलकर चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की समस्या प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि डीएम ने जुड़ाई मजदूरों से वायदा किया था कि मजदूरों को एक जनवरी 17 से 1950 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा की दर से मजदूरी का भुगतान कराया जाएगा। डीएम के आश्वासन पर श्रमिक तो काम पर लौट आया, परंतु सेवायोजक समझौते का पालन नहीं कर रहे।
कई कारखानों की सूची भी सौंपी। उन्होंने चेतावनी दी कि सेवायोजकों ने हठधर्मी रवैया नहीं छोड़ा तो औद्योगिक अशांति उत्पन्न हो सकती है, जिसके लिए सेवायोजक उत्तरदायी होंगे। एडीएम ने आश्वासन दिया कि समझौते का पालन कराया जाएगा। जो कारखानेदार पालन नहीं करेगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी। प्रतिनिधि मंडल में रामदास मानव, वीरसिंह सुमन, हाकिम सिंह, बाबूराम, कायम सिंह, सुशील जाटव, दिनेशचंद्र, सूरजपाल, रामनरेश शामिल थे।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी को सौंपी जांच : एएलसी
सहायक श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह का कहना है कि कुछ सेवायोजकों द्वारा समझौते का पालन न करने के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी को इन इकाइयों की प्राथमिक रूप जांच सौंप दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
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कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ के प्रतिनिधि मंडल ने एडीएम उदय सिंह से मिलकर चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की समस्या प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि डीएम ने जुड़ाई मजदूरों से वायदा किया था कि मजदूरों को एक जनवरी 17 से 1950 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा की दर से मजदूरी का भुगतान कराया जाएगा। डीएम के आश्वासन पर श्रमिक तो काम पर लौट आया, परंतु सेवायोजक समझौते का पालन नहीं कर रहे।
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कई कारखानों की सूची भी सौंपी। उन्होंने चेतावनी दी कि सेवायोजकों ने हठधर्मी रवैया नहीं छोड़ा तो औद्योगिक अशांति उत्पन्न हो सकती है, जिसके लिए सेवायोजक उत्तरदायी होंगे। एडीएम ने आश्वासन दिया कि समझौते का पालन कराया जाएगा। जो कारखानेदार पालन नहीं करेगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी। प्रतिनिधि मंडल में रामदास मानव, वीरसिंह सुमन, हाकिम सिंह, बाबूराम, कायम सिंह, सुशील जाटव, दिनेशचंद्र, सूरजपाल, रामनरेश शामिल थे।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी को सौंपी जांच : एएलसी
सहायक श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह का कहना है कि कुछ सेवायोजकों द्वारा समझौते का पालन न करने के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी को इन इकाइयों की प्राथमिक रूप जांच सौंप दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।