{"_id":"595bd9e64f1c1be96d8b46ee","slug":"191499191782-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा ने अंर्तकलह, संघ ने संभाली कमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा ने अंर्तकलह, संघ ने संभाली कमान
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:53 PM IST
विज्ञापन
भाजपा का लोगो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। भारतीय जनता पार्टी में संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच सामंजस्य नहीं बैठ पा रहा है। दोनों अलग-अलग दिशा में चल रहे हैं। संघ ने संगठन और विधायकों के बीच तालमेल के लिए मध्यस्थता भी की। गुटबाजी पाटने के लिए संघ सक्रिय हो गया है।
2019 के लिए रोडमैप तैयार कर रही भारतीय जनता पार्टी अंतरकलह से जूझ रही है। पार्टी नेतृत्व के निर्देश हैं कि यूपी में विधायक और संगठन कदमताल के साथ काम करें। यहां स्थिति उल्टी है। संगठन के मुख्य पदाधिकारी और विधायक अलग-अलग दिशा में चल रहे हैं। कई मौकों पर गुटबाजी उजागर हुई है।
गुटबाजी के चलते पार्टी भी यहां खेमों में बंटी दिखाई देती है। दरार अधिक बढ़ने पर संघ को हस्तक्षेप करना पडा। गत दिनों संघ की समन्वय बैठक शिकोहाबाद में हुई थी। बैठक में भी दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोपों की बौछार हुई। दोनों पक्षों ने भड़ास निकाली। शाम को शहर में फिर बैठक हुई।
विज्ञापन
बताते हैं इस बैठक में सिर्फ संगठन के लोग मौजूद थे। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी द्वारा संगठन का कामकाज देखने के लिए भेजे गए पार्टी के विशेष दूत भी बैठक में मौजूद थे। बात यहां तक आ पहुंची कि भाजपा संगठन के एक पदाधिकारी ने इस्तीफा तक देने की पेशकश कर दी। पार्टी में चल रही कलह को थामने के लिए संघ ने कमान संभाल ली है लेकिन फिलहाल कलह चरम पर है।
संगठन और जनप्रतिनिधि की रार की खबर भाजपा के दिल्ली-लखनऊ दरबार तक पहुंच गई है। खास कर जिले के दो विधायकों केसाथ संगठन का तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। संगठन का आरोप है कि दोनों ही विधायक अपने निजी ग्रुप को अधिक तबज्जो दे रहे हैं, संगठन को नजर अंदाज किया जा रहा है। कुछ दिनों पहले प्रभारी मंत्री नीलकंठ तिवारी के दौरे के दौरान भी गुटबाजी उजागर हुई थी। संगठन के पदाधिकारी के खिलाफ आवाज भी उठाई गई थी।
विज्ञापन
2019 के लिए रोडमैप तैयार कर रही भारतीय जनता पार्टी अंतरकलह से जूझ रही है। पार्टी नेतृत्व के निर्देश हैं कि यूपी में विधायक और संगठन कदमताल के साथ काम करें। यहां स्थिति उल्टी है। संगठन के मुख्य पदाधिकारी और विधायक अलग-अलग दिशा में चल रहे हैं। कई मौकों पर गुटबाजी उजागर हुई है।
विज्ञापन
गुटबाजी के चलते पार्टी भी यहां खेमों में बंटी दिखाई देती है। दरार अधिक बढ़ने पर संघ को हस्तक्षेप करना पडा। गत दिनों संघ की समन्वय बैठक शिकोहाबाद में हुई थी। बैठक में भी दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोपों की बौछार हुई। दोनों पक्षों ने भड़ास निकाली। शाम को शहर में फिर बैठक हुई।
विज्ञापन
बताते हैं इस बैठक में सिर्फ संगठन के लोग मौजूद थे। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी द्वारा संगठन का कामकाज देखने के लिए भेजे गए पार्टी के विशेष दूत भी बैठक में मौजूद थे। बात यहां तक आ पहुंची कि भाजपा संगठन के एक पदाधिकारी ने इस्तीफा तक देने की पेशकश कर दी। पार्टी में चल रही कलह को थामने के लिए संघ ने कमान संभाल ली है लेकिन फिलहाल कलह चरम पर है।
संगठन और जनप्रतिनिधि की रार की खबर भाजपा के दिल्ली-लखनऊ दरबार तक पहुंच गई है। खास कर जिले के दो विधायकों केसाथ संगठन का तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। संगठन का आरोप है कि दोनों ही विधायक अपने निजी ग्रुप को अधिक तबज्जो दे रहे हैं, संगठन को नजर अंदाज किया जा रहा है। कुछ दिनों पहले प्रभारी मंत्री नीलकंठ तिवारी के दौरे के दौरान भी गुटबाजी उजागर हुई थी। संगठन के पदाधिकारी के खिलाफ आवाज भी उठाई गई थी।