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वीडियो कांफ्रेंसिंग से हो रही अभियुक्तों की पेशी
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मथुरा । फिलहाल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अभियुक्तों की पेशी हो रही है । न्यायाधिकारियों द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही जेल में बंद अभियुक्तों को देखा का जा रहा है तथा तारीख दी जा रही है। ऐसा पर्याप्त पुलिस बल न होने कारण किया जा रहा है। अधिकतर पुलिस मतदान के लिए जनपद के बाहर गई हुई है। इसके चलते कई बड़े मामलों में सुनवाई भी टाली जा रही है ।
प्रतिदिन दो से तीन सैकड़ा से अधिक बंदी जेल से न्यायालयों में पेश होने को आते हैं। इनको अतिरिक्त पुलिस बल द्वारा जेल से कोर्ट तक लाया जाता है । यह पुलिस बल पुलिस लाइन से उपलब्ध कराया जाता है। लोकसभा का मतदान होने के चलते जनपद से भी भारी मात्रा में पुलिस बल देश के अन्य हिस्सों में मतदान ड्यूटी पर गए हुए हैं । इसके चलते जेल से कोर्ट तक अभियुक्तों की पेशी के लिए पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं और प्रतिदिन पेशी पर आने वाले अभियुक्त भी नहीं आ पा रहे हैं । जिन मुकदमों में बिना पेशी के तारीख डाली जा सकती है उनमें तो बिना पेशी के ही तारीख डाली जा रही है परंतु जिन केसों में अभियुक्त की पेशी आवश्यक है ऐसे केसों में कोर्ट द्वारा प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पेशी की जा रही है। इसके बाद ही अग्रिम तारीख दी जा रही है। जेलर अरविंद पांडे ने बताया कि अधिकतर मामलों में न्यायालय द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पेशी की जा रही है । जिसका कारण पर्याप्त पुलिस बल का न होना है। अधिकतर पुलिस बल मतदान के लिए जनपद से बाहर गया हुआ है
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प्रतिदिन दो से तीन सैकड़ा से अधिक बंदी जेल से न्यायालयों में पेश होने को आते हैं। इनको अतिरिक्त पुलिस बल द्वारा जेल से कोर्ट तक लाया जाता है । यह पुलिस बल पुलिस लाइन से उपलब्ध कराया जाता है। लोकसभा का मतदान होने के चलते जनपद से भी भारी मात्रा में पुलिस बल देश के अन्य हिस्सों में मतदान ड्यूटी पर गए हुए हैं । इसके चलते जेल से कोर्ट तक अभियुक्तों की पेशी के लिए पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं और प्रतिदिन पेशी पर आने वाले अभियुक्त भी नहीं आ पा रहे हैं । जिन मुकदमों में बिना पेशी के तारीख डाली जा सकती है उनमें तो बिना पेशी के ही तारीख डाली जा रही है परंतु जिन केसों में अभियुक्त की पेशी आवश्यक है ऐसे केसों में कोर्ट द्वारा प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पेशी की जा रही है। इसके बाद ही अग्रिम तारीख दी जा रही है। जेलर अरविंद पांडे ने बताया कि अधिकतर मामलों में न्यायालय द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पेशी की जा रही है । जिसका कारण पर्याप्त पुलिस बल का न होना है। अधिकतर पुलिस बल मतदान के लिए जनपद से बाहर गया हुआ है
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