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नगला शुखू को नहीं मिला आधुनिक सुविधाओं का सुख
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बदहाल सड़क।
- फोटो : अमर उजाला डेमाे
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मैनपुरी-भोगांव। महावतपुर मौजा के गांव नगला शुखू उर्फ नगला बंबा को आज तक आधुनिक सुविधाओं का सुख नसीब नहीं हुआ है। गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। शासन की योजनाओं का लाभ भी यहां के ग्रामीणों की चौखट तक नहीं पहुंचा। करीब 12 सौ की आबादी वाले इस गांव में विकास कार्य के नाम पर ग्रामीणों को सिर्फ ठगा गया है। गांव के लोगों को ओडीएफ योजना का लाभ नहीं मिला है।
मुख्य मार्ग को छोड़ दें तो गांव की गलियां कच्ची हैं। इससे बारिश के दिनों में परेशानी खड़ी हो जाती है। गांव में नालियां भी नहीं बनी हैं, जिससे गंदगी फैली रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाईकर्मी भी नहीं आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान दूसरे गांव का है, इसलिए उनके गांव की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। गंदगी से हर समय बीमारी फैलने का डर सताता है।
प्रधान दूसरे गांव का है, इस कारण गांव के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। नालियां गंदगी से बजबजाती रहती हैं।
सत्यराम सिंह
गांव की गलियां कच्ची हैं, बरसात के दिनों में कीचड़ के कारण चलना मुश्किल हो जाता है, अफसरों को विकास पर ध्यान देना चाहिए।
प्रेमवती
ग्राम प्रधान विकास कार्य कराने में भेदभाव कर रहा है। मौजा के दूसरे गांव में विकास कार्य खूब कराया गया है, लेकिन हमारे गांव में कोई कार्य नहीं कराया गया।
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महावीर सिंह
गांव की आबादी लगभग 12 सौ के करीब है, गांव में एक भी शौचालय नहीं बना है। शौच के लिए ग्रामीण अभी भी खुले में जाते हैं।
शारदा देवी
गांव में शौचालय निर्माण के लिए बजट का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीणों के खातों में पैसा आते ही शौचालय बनवाए जाएंगे। अन्य विकास कार्य भी बजट आने पर कराए जाएंगे।
विनीता राजपूत, ग्राम प्रधान
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मुख्य मार्ग को छोड़ दें तो गांव की गलियां कच्ची हैं। इससे बारिश के दिनों में परेशानी खड़ी हो जाती है। गांव में नालियां भी नहीं बनी हैं, जिससे गंदगी फैली रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाईकर्मी भी नहीं आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान दूसरे गांव का है, इसलिए उनके गांव की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। गंदगी से हर समय बीमारी फैलने का डर सताता है।
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प्रधान दूसरे गांव का है, इस कारण गांव के विकास पर ध्यान नहीं दिया जाता है। नालियां गंदगी से बजबजाती रहती हैं।
सत्यराम सिंह
गांव की गलियां कच्ची हैं, बरसात के दिनों में कीचड़ के कारण चलना मुश्किल हो जाता है, अफसरों को विकास पर ध्यान देना चाहिए।
प्रेमवती
ग्राम प्रधान विकास कार्य कराने में भेदभाव कर रहा है। मौजा के दूसरे गांव में विकास कार्य खूब कराया गया है, लेकिन हमारे गांव में कोई कार्य नहीं कराया गया।
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महावीर सिंह
गांव की आबादी लगभग 12 सौ के करीब है, गांव में एक भी शौचालय नहीं बना है। शौच के लिए ग्रामीण अभी भी खुले में जाते हैं।
शारदा देवी
गांव में शौचालय निर्माण के लिए बजट का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीणों के खातों में पैसा आते ही शौचालय बनवाए जाएंगे। अन्य विकास कार्य भी बजट आने पर कराए जाएंगे।
विनीता राजपूत, ग्राम प्रधान