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बुखार से तप रहा मथुरा, मलेरिया भी डरा रहा
Updated Sat, 08 Sep 2018 08:28 PM IST
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मथुरा। मानसून का सीजन जाते-जाते जिला संक्रामक रोगों की चपेट में है। बुखार से तो तप रहा है जिला। ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ गई है। प्रतिदिन ओपीडी का आंकड़ा 800-1000 के बीच दर्ज किया जा रहा है। अगस्त माह में ही 21 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। यह आंकड़ा तो मलेरिया विभाग का है, जबकि प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज कराने वालों की संख्या भी सैकड़ों में है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जुलाई से अक्तूबर तक का समय मलेरिया फैलने की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि अब लोगों में बुखार तेजी से फैल रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में ही बुखार के हर रोज 800 लोग पहुंच रहे हैं।
मलेरिया के रोगी भी सामने आ चुके हैं। इस वर्ष फरवरी में चार, मार्च में दो, अप्रैल में दो, जून में चार, जुलाई में आठ व अगस्त में 21 केस पाए गए हैं। जिला अस्पताल में एक सप्ताह में 330 मरीजों की जांच की गई, जिसमें से तीन मरीजों में मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। यही कारण है कि प्रतिमाह करीब तीन हजार से अधिक ब्लड स्लाइडों की जांच यहां की जा रही है।
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क्या है मलेरिया
मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। यह एक संक्रामक रोग है, जिसमें ठंड के साथ बुखार आता है। इसमें रोगी के शरीर का तापमान 101 से 105 डिग्री तक चला जाता है। सिरदर्द, उल्टी, जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना इसके सामान्य लक्षण हैं। पता चलने पर तुरंत रक्त की जांच करानी चाहिए।
बुखार आने पर अपनाएं ये तरीके
- उबला हुआ पानी ठंडा करके पीएं।
- आसपास बारिश का पानी एकत्रित न होने दें।
- नालियों में कीटनाशक दवा का छिड़काव करें।
- बारिश के समय सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- नीम का पत्तियों का धुआं करें, मच्छरों के काटने से बचें।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जुलाई से अक्तूबर तक का समय मलेरिया फैलने की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि अब लोगों में बुखार तेजी से फैल रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में ही बुखार के हर रोज 800 लोग पहुंच रहे हैं।
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मलेरिया के रोगी भी सामने आ चुके हैं। इस वर्ष फरवरी में चार, मार्च में दो, अप्रैल में दो, जून में चार, जुलाई में आठ व अगस्त में 21 केस पाए गए हैं। जिला अस्पताल में एक सप्ताह में 330 मरीजों की जांच की गई, जिसमें से तीन मरीजों में मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। यही कारण है कि प्रतिमाह करीब तीन हजार से अधिक ब्लड स्लाइडों की जांच यहां की जा रही है।
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क्या है मलेरिया
मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। यह एक संक्रामक रोग है, जिसमें ठंड के साथ बुखार आता है। इसमें रोगी के शरीर का तापमान 101 से 105 डिग्री तक चला जाता है। सिरदर्द, उल्टी, जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना इसके सामान्य लक्षण हैं। पता चलने पर तुरंत रक्त की जांच करानी चाहिए।
बुखार आने पर अपनाएं ये तरीके
- उबला हुआ पानी ठंडा करके पीएं।
- आसपास बारिश का पानी एकत्रित न होने दें।
- नालियों में कीटनाशक दवा का छिड़काव करें।
- बारिश के समय सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- नीम का पत्तियों का धुआं करें, मच्छरों के काटने से बचें।