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72 घंटे के अल्टीमेटम के साथ काम पर लौटे कलक्ट्रेटकर्मी
Updated Mon, 21 May 2018 08:16 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। एडीएम कानून व्यवस्था न्यायालय में मारपीट के प्रकरण को लेकर हड़ताल पर गए कलक्ट्रेट कर्मचारी 72 घंटे के अल्टीमेटम के साथ काम पर लौट आए हैं। कर्मचारी नेताओं ने डीएम के समक्ष मांग रखी हैं कि आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी के साथ उनके पंजीकरण को भी निरस्त किया जाए।
पिछले सप्ताह शुक्रवार को दोपहर तीन बजे एडीएम कानून व्यवस्था न्यायालय में स्टेनो के साथ मारपीट के मामले में कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल शुरू कर दी थी। दो दिन की हड़ताल के बाद कर्मचारी नेता सोमवार को डीएम से मिलने पहुंचे। संपूर्ण प्रकरण की जानकारी देते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा।
इसमें दोषी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी, उनके पंजीकरण का निरस्तीकरण, कलक्ट्रेट में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने सहित मांट तहसील में दबाव में स्थानांतरण न करने की मांग रखी। डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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इसके लिए 72 घंटे की समय सीमा तय की गई। डीएम के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने कामकाज शुरू कर दिया। हालांकि हड़ताल के दौरान चंद कर्मचारी नेताओं का देर रात कार्यालय में बैठकर काम करना भी कलक्ट्रेट कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
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पिछले सप्ताह शुक्रवार को दोपहर तीन बजे एडीएम कानून व्यवस्था न्यायालय में स्टेनो के साथ मारपीट के मामले में कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल शुरू कर दी थी। दो दिन की हड़ताल के बाद कर्मचारी नेता सोमवार को डीएम से मिलने पहुंचे। संपूर्ण प्रकरण की जानकारी देते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा।
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इसमें दोषी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी, उनके पंजीकरण का निरस्तीकरण, कलक्ट्रेट में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने सहित मांट तहसील में दबाव में स्थानांतरण न करने की मांग रखी। डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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इसके लिए 72 घंटे की समय सीमा तय की गई। डीएम के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने कामकाज शुरू कर दिया। हालांकि हड़ताल के दौरान चंद कर्मचारी नेताओं का देर रात कार्यालय में बैठकर काम करना भी कलक्ट्रेट कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।