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मुख्यमंत्री सामूहिक शादी योजना के लिए नहीं मिल रहे जोड़े
Updated Mon, 21 May 2018 08:25 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से शादी कराने में लोग रुचि नहीं ले रहे। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 15 हजार रुपये अतिरिक्त सरकार द्वारा खर्च करने के बाद भी लोग अपने पुत्र-पुत्रियों की शादी कराने को आगे नहीं आ रहे। मार्च माह में 1500 शादी कराने का लक्ष्य मिला था लेकिन कोई भी व्यक्ति इस योजना में शादी कराने को आगे नहीं आया।
पिछले साल सितंबर माह में प्रदेश सरकार ने गरीब लोगों के बच्चों की शादी कराने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक शादी योजना शुरू की थी। इसमें 20 हजार कन्या के खाते में, 10 हजार का सामान और पांच हजार टेंट और खाने आदि पर खर्च किए जाते हैं। इसमें शादियां सामूहिक रूप से एक चयनित स्थान पर की जाती हैं, लेकिन इस योजना में लोगों की रुचि नहीं है।
सामूहिक शादी योजना में अपने बच्चों की शादी कराने को लोग आगे नहीं आ रहे। वर्ष 2018-19 के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक योजना में 1500 गरीब कन्याओं की शादी कराने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन मार्च से लेकर अब तक कोई व्यक्ति अपने बच्चों की शादी के लिए पंजीकरण कराने नहीं आया।
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अब अधिकारी सामाजिक संगठनों के यहां शादी कराने में अपना योगदान देने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 1500 शादी कराने का लक्ष्य दिया गया है। इस योजना में शादी कराने को कुछ संगठनों से बात चल रही है।
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पिछले साल सितंबर माह में प्रदेश सरकार ने गरीब लोगों के बच्चों की शादी कराने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक शादी योजना शुरू की थी। इसमें 20 हजार कन्या के खाते में, 10 हजार का सामान और पांच हजार टेंट और खाने आदि पर खर्च किए जाते हैं। इसमें शादियां सामूहिक रूप से एक चयनित स्थान पर की जाती हैं, लेकिन इस योजना में लोगों की रुचि नहीं है।
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सामूहिक शादी योजना में अपने बच्चों की शादी कराने को लोग आगे नहीं आ रहे। वर्ष 2018-19 के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक योजना में 1500 गरीब कन्याओं की शादी कराने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन मार्च से लेकर अब तक कोई व्यक्ति अपने बच्चों की शादी के लिए पंजीकरण कराने नहीं आया।
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अब अधिकारी सामाजिक संगठनों के यहां शादी कराने में अपना योगदान देने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 1500 शादी कराने का लक्ष्य दिया गया है। इस योजना में शादी कराने को कुछ संगठनों से बात चल रही है।