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कहीं बरसा रंग तो कहीं खेली गई गुलाल की होली
Updated Sat, 03 Mar 2018 11:31 PM IST
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Holi
- फोटो : PTI
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मैनपुरी। जिले में शुक्रवार को होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ग्रामीण अंचल में लोगों ने सुबह होलिका दहन स्थल पर पहुंचकर होलिका दहन करते हुए आखत डाले। हुरियारों की टोलियों के साथ बच्चों से लेकर बूढ़े सभी होली के रंगों में डूबे देखे गए।
होली के त्योहार पर गांव-गांव, मोहल्लों- मोहल्लों में हुरियारों की टोलियां निकलीं। हुरियारों की टोलियों के साथ बच्चे, जवान, बूढ़े सभी एक साथ होली के रंगों में रंगे देखे गए। युवाओं ने एक दूसरे को गुलाल व रंग लगाकर होली खेली। बच्चों ने अपने साथियों के साथ जमकर होली खेली। वे पानी और मिट्टी की होली खेलते नजर भी आए। इसके साथ ही होली के त्योहार को लोगों ने अपने से बड़ों से आशीर्वाद प्राप्त किया। घर-घर जाकर मेवा मिष्ठान खाए।
जिले में सबसे बड़ी 11 हजार की आबादी वाले गांव रठेरा में होली की परंपरा पुरानी है। सभी लोग मिलकर एक ही स्थान पर होलिका दहन कर आखत डालते हैं। इसके बाद पांच दिनों तक गांव में हुरियारों की टोलियां घर-घर जाकर होली गीत प्रस्तुत कर रंग व गुलाल की होली खेलते हैं। यहां पांचवीं तक हुरियारों की टोलियां निकलेंगी।
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होली के त्योहार पर गांव-गांव, मोहल्लों- मोहल्लों में हुरियारों की टोलियां निकलीं। हुरियारों की टोलियों के साथ बच्चे, जवान, बूढ़े सभी एक साथ होली के रंगों में रंगे देखे गए। युवाओं ने एक दूसरे को गुलाल व रंग लगाकर होली खेली। बच्चों ने अपने साथियों के साथ जमकर होली खेली। वे पानी और मिट्टी की होली खेलते नजर भी आए। इसके साथ ही होली के त्योहार को लोगों ने अपने से बड़ों से आशीर्वाद प्राप्त किया। घर-घर जाकर मेवा मिष्ठान खाए।
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जिले में सबसे बड़ी 11 हजार की आबादी वाले गांव रठेरा में होली की परंपरा पुरानी है। सभी लोग मिलकर एक ही स्थान पर होलिका दहन कर आखत डालते हैं। इसके बाद पांच दिनों तक गांव में हुरियारों की टोलियां घर-घर जाकर होली गीत प्रस्तुत कर रंग व गुलाल की होली खेलते हैं। यहां पांचवीं तक हुरियारों की टोलियां निकलेंगी।
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