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गो उत्पादों को बढ़ावा देगी सरकारी
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:02 PM IST
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एटा। गो सेवा प्रेमी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार अब गो सेवा के साथ रोजगार बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। हर जिले में गो संरक्षण समिति का गठन करते हुए गोशालाओं के संचालन और आय बढ़ाने का काम किया जाएगा। समिति में डीएम समेत तमाम अधिकारी विभिन्न पदों पर होंगे। शासन के प्रमुख सचिव ने सभी जिलों के डीएम को पत्र भेजकर समिति का गठन करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के बाद से ही गो सेवा को लेकर तमाम निर्देश दिए हैं। गोशाला के निर्माण से लेकर गो रक्षा के लिए वे खुद ही आगे आए हैं। अब सरकार ने गो सेवा आयोग को सक्रिय करते हुए गोधन को बचाने की तैयारी की है। गोशालाओं के संरक्षण के लिए हर जिले में गो संरक्षण समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस समिति में डीएम अध्यक्ष, एसएसपी और सीडीओ उपाध्यक्ष, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव, वन, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, कृषि, उद्यान, लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, सभी निकायों के ईओ, जिले की गोशालाओं के अध्यक्ष, मंत्री और गोसेवा आयोग द्वारा नामित दो गो सेवा प्रेमी सदस्य होंगे।
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समिति का काम गोशालाओं के संचालन के साथ ही रोजगार बढ़ाने के लिए बायोगैस, कंपोस्ट और पंचगव्य से साबुन, अगरबत्ती, मच्छर भगाने की कॉइल और गोमूत्र से फिनायल जैसी औषधियों का निर्माण कराना होगा। इनकी बिक्री भी समिति के द्वारा ही की जाएगी।
प्रमुख सचिव डा. सुधीर एम बोबड़े ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि समिति का गठन जल्द किया जाए। साथ ही समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित करके गो सेवा आयोग को भेजा जाए।
गो संरक्षण समिति को लेकर निर्देश मिल गए हैं। इसका जल्द गठन किया जाएगा। वहीं शासन के निर्देशों के अनुरूप गोशालाओं का संचालन और अन्य कार्य किए जाएंगे।
डा. कपूर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, एटा
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मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के बाद से ही गो सेवा को लेकर तमाम निर्देश दिए हैं। गोशाला के निर्माण से लेकर गो रक्षा के लिए वे खुद ही आगे आए हैं। अब सरकार ने गो सेवा आयोग को सक्रिय करते हुए गोधन को बचाने की तैयारी की है। गोशालाओं के संरक्षण के लिए हर जिले में गो संरक्षण समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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इस समिति में डीएम अध्यक्ष, एसएसपी और सीडीओ उपाध्यक्ष, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव, वन, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, कृषि, उद्यान, लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, सभी निकायों के ईओ, जिले की गोशालाओं के अध्यक्ष, मंत्री और गोसेवा आयोग द्वारा नामित दो गो सेवा प्रेमी सदस्य होंगे।
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समिति का काम गोशालाओं के संचालन के साथ ही रोजगार बढ़ाने के लिए बायोगैस, कंपोस्ट और पंचगव्य से साबुन, अगरबत्ती, मच्छर भगाने की कॉइल और गोमूत्र से फिनायल जैसी औषधियों का निर्माण कराना होगा। इनकी बिक्री भी समिति के द्वारा ही की जाएगी।
प्रमुख सचिव डा. सुधीर एम बोबड़े ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि समिति का गठन जल्द किया जाए। साथ ही समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित करके गो सेवा आयोग को भेजा जाए।
गो संरक्षण समिति को लेकर निर्देश मिल गए हैं। इसका जल्द गठन किया जाएगा। वहीं शासन के निर्देशों के अनुरूप गोशालाओं का संचालन और अन्य कार्य किए जाएंगे।
डा. कपूर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, एटा