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मेडीकल स्टोर संचालक को बनाना होगा एच वन रजिस्टर
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:39 PM IST
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मेडिकल स्टोर
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कासगंज। सरकार ने क्षय रोग मुक्त भारत बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। अब प्रत्येक रोगी का विवरण रखा जाएगा। यहां तक की मेडीकल स्टोर पर भी क्षय रोगी के लिए एच वन रजिस्टर बनाया जाएगा। इस रजिस्टर में मरीजा का पूरा विवरण अंकित होगा।
शासन ने 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त करने के लिए पुनरीक्षित क्षय नियंत्रण कार्यक्रम लागू किया है। इस कार्यक्रम के तहत सरकारी अस्पताल से तो निशुल्क दवा की व्यवस्था है, लेकिन निजी चिकित्सकों के यहां से इलाज कराने वाले मरीजों को बाजार से दवा लेनी होती है। जिले में औसतन प्रतिवर्ष 4000 रोगी निजी और सरकारी अस्पतालों पर इलाज कराते हैं।
सरकार विवरण रखकर यह भी जानना चाहती है कि क्षय रोग का प्रभाव सबसे अधिक किस क्षेत्र में है और इसके क्या कारण हैं। ऐसे में मेडीकल स्टोर पर एक एचवन रजिस्टर बनाने की व्यवस्था लागू की गई है। इस रजिस्टर के जरिए दवा लेने आने वाले रोगी का नाम, उम्र, लिंग, आयु, पता, मोबाइल नंबर, चिकित्सक के नाम का विवरण कराया जाएगा।
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समय समय पर केंद्र सरकार की टीम आकर मेडीकल स्टोर की जांच करेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रंगजी दुबे ने बताया कि सभी मेडीकल संचालकों को यह रजिस्टर बनाना अनिवार्य है।
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शासन ने 2025 तक देश को क्षय रोग से मुक्त करने के लिए पुनरीक्षित क्षय नियंत्रण कार्यक्रम लागू किया है। इस कार्यक्रम के तहत सरकारी अस्पताल से तो निशुल्क दवा की व्यवस्था है, लेकिन निजी चिकित्सकों के यहां से इलाज कराने वाले मरीजों को बाजार से दवा लेनी होती है। जिले में औसतन प्रतिवर्ष 4000 रोगी निजी और सरकारी अस्पतालों पर इलाज कराते हैं।
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सरकार विवरण रखकर यह भी जानना चाहती है कि क्षय रोग का प्रभाव सबसे अधिक किस क्षेत्र में है और इसके क्या कारण हैं। ऐसे में मेडीकल स्टोर पर एक एचवन रजिस्टर बनाने की व्यवस्था लागू की गई है। इस रजिस्टर के जरिए दवा लेने आने वाले रोगी का नाम, उम्र, लिंग, आयु, पता, मोबाइल नंबर, चिकित्सक के नाम का विवरण कराया जाएगा।
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समय समय पर केंद्र सरकार की टीम आकर मेडीकल स्टोर की जांच करेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रंगजी दुबे ने बताया कि सभी मेडीकल संचालकों को यह रजिस्टर बनाना अनिवार्य है।