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रजबहा की पटरी टूटी, 200 बीघा फसल जलमग्न
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:39 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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बाजना(मथुरा)। शादीपुर रजबहा की पटरी टूटने से गुरुवार को शंकरगढ़ी के किसानों की खेतों में खड़ी आलू, सरसों और गेहूं की 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई। पीड़ित किसानों ने नौहझील-गोमत मार्ग जाम कर दिया। लगभग एक घंटे तक जाम लगाने के बाद किसान धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक वे सड़क किनारे धरने पर बैठे रहेंगे।
गांव के किसान चेतन सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग से कई बार किसानों ने लिखित शिकायत की, लेकिन पटरियों को पक्का नहीं कराया गया। कच्ची पटरी होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। पटरी टूटने की सूचना सुबह ही अधिकारियों को दे दी गई, लेकिन 11 बजे तक कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा। इससे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। गुस्साए किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं की मदद से नौहझील-गोमत मार्ग को जाम कर दिया।
जाम लगने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। किसानों की मांग थी की शादीपुर रजबहा की पटरी पक्की बनवाई जाए। जलमग्न फसल का मुआवजा दिलाया जाए। सड़क किनारे बैठे किसानों के पास शाम को कानूनगो राकेश शर्मा पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उसने रिपोर्ट तैयार कर ली है, यह एसडीएम को सौंपेंगे। इसके बाद ही मुआवजा मिलेगा। समाचार लिखे जाने तक किसान धरने पर बैठे थे।
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गांव के किसान चेतन सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग से कई बार किसानों ने लिखित शिकायत की, लेकिन पटरियों को पक्का नहीं कराया गया। कच्ची पटरी होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। पटरी टूटने की सूचना सुबह ही अधिकारियों को दे दी गई, लेकिन 11 बजे तक कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा। इससे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। गुस्साए किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं की मदद से नौहझील-गोमत मार्ग को जाम कर दिया।
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जाम लगने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। किसानों की मांग थी की शादीपुर रजबहा की पटरी पक्की बनवाई जाए। जलमग्न फसल का मुआवजा दिलाया जाए। सड़क किनारे बैठे किसानों के पास शाम को कानूनगो राकेश शर्मा पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उसने रिपोर्ट तैयार कर ली है, यह एसडीएम को सौंपेंगे। इसके बाद ही मुआवजा मिलेगा। समाचार लिखे जाने तक किसान धरने पर बैठे थे।
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