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कान्हा की नगरी में महापंडित रावण की हुई पूजा
Updated Fri, 29 Sep 2017 08:02 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
मथुरा। कान्हा की नगरी में महापंडित रावण के जयकारे लगाए और पूजा की। लंकेश भक्त मंडल के लोगों ने रावण की पूजा से पहले शिवजी की पूजा-अर्चना की और रावण का मंदिर बनवाने की मांग की।
शुक्रवार दोपहर को यमुनापार श्मशान स्थित शिव मंदिर पर लंकेश भक्त मंडल के संस्थापक ओमवीर सारस्वत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सारस्वत समाज के लोग इकट्ठा हुए और शिव मंदिर में शिवजी की पूजा-अर्चना की। साथ ही शिव के अनन्य भक्त व महापंडित रावण की पूजा की और आरती उतारकर जयकारे लगाए। मंडल के लोगों ने पुलस्त्य कुल को ललकारा। इस दौरान मंडल के संस्थापक प्रमुख ओमवीर सारस्वत ने कहा कि पुतला जलाना उचित नहीं है। यह प्रक्रिया रुकनी चाहिए। इससे पूरा रावण वंशज अपमानित हो रहा है। यह सारस्वत समाज के साथ अन्याय है।
संजय सारस्वत ने कहा कि राम ने लंकेश का शव विभीषण को देकर विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार कराया था। अपमानित नहीं किया था। कुलदीप अवस्थी ने रावण का रूप धारण किया। इस दौरान सुनहरी लाल सारस्वत, मुकेश सारस्वत, डॉ. बीडी शर्मा, डॉ. सीएफ धनगर, शिवसिंह चंदेल, सत्यस्वरूप सारस्वत, दीपक, सूरज प्रसाद, संतोष शर्मा, देवपाल योगी, आकाश सारस्वत, आचार्य रमेश चंद्र शर्मा, लोकेश सारस्वत, आरसी सारस्वत, दीपांशु अवस्थी, अजय सारस्वत, अंकुर सारस्वत, योगेश गौतम, गजेंद्र सारस्वत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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शुक्रवार दोपहर को यमुनापार श्मशान स्थित शिव मंदिर पर लंकेश भक्त मंडल के संस्थापक ओमवीर सारस्वत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सारस्वत समाज के लोग इकट्ठा हुए और शिव मंदिर में शिवजी की पूजा-अर्चना की। साथ ही शिव के अनन्य भक्त व महापंडित रावण की पूजा की और आरती उतारकर जयकारे लगाए। मंडल के लोगों ने पुलस्त्य कुल को ललकारा। इस दौरान मंडल के संस्थापक प्रमुख ओमवीर सारस्वत ने कहा कि पुतला जलाना उचित नहीं है। यह प्रक्रिया रुकनी चाहिए। इससे पूरा रावण वंशज अपमानित हो रहा है। यह सारस्वत समाज के साथ अन्याय है।
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संजय सारस्वत ने कहा कि राम ने लंकेश का शव विभीषण को देकर विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार कराया था। अपमानित नहीं किया था। कुलदीप अवस्थी ने रावण का रूप धारण किया। इस दौरान सुनहरी लाल सारस्वत, मुकेश सारस्वत, डॉ. बीडी शर्मा, डॉ. सीएफ धनगर, शिवसिंह चंदेल, सत्यस्वरूप सारस्वत, दीपक, सूरज प्रसाद, संतोष शर्मा, देवपाल योगी, आकाश सारस्वत, आचार्य रमेश चंद्र शर्मा, लोकेश सारस्वत, आरसी सारस्वत, दीपांशु अवस्थी, अजय सारस्वत, अंकुर सारस्वत, योगेश गौतम, गजेंद्र सारस्वत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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