{"_id":"59665c8d4f1c1b45048b4577","slug":"181499880589-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खड़ी खड़ी कबाड़ हो गई भरतपुर नरेश की शाही सवारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खड़ी खड़ी कबाड़ हो गई भरतपुर नरेश की शाही सवारी
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
शाही सवारी।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अजय खंडेलवाल (मथुरा)। जिस शाही सवारी को देखकर लोग अदब से झुक जाते थे। भरतपुर नरेश की उस शाही गाड़ी की बेकद्री हो गई है। कचहरी में खड़ी-खड़ी कबाड़ बन गई है। इसी गाड़ी में बैठे राजा मान सिंह पर पुलिस ने गोलियां बरसाईं थीं। इस कारण यह गाड़ी माल मुकदमाती है लिहाजा कचहरी परिसर में खड़ी है। उसकी हालत देख विरासत से प्रेम करने वाले आहत हैं। मामला कानूनी है इस कारण वह कुछ कर भी नहीं सकते।
21 फरवरी 1985 को याद करके लोग आज भी बेचैन हो जाते हैं। उस दिन दोपहर का वक्त था। डीग की अनाज मंडी में भरतपुर नरेश राजा मानसिंह अपनी शाही सवारी में बैठकर घूम रहे थे। अचानक सामने से आई पुलिस ने उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
पुलिस फायरिंग में राजा मानसिंह, ठाकुर सुमेर सिंह और हरी सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से पूरा भरतपुर दहशत में रहा। पुलिस के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर पड़े, क्योंकि हत्या की रिपोर्ट दर्ज हो गई थी, लिहाजा राजा मानसिंह जिस जीप (जोंगा) में सवार थे उसे भी माल मुकदमाती मानते हुए पुलिस ने कब्जे में ले लिया था।
विज्ञापन
यह गाड़ी आज भी न्यायालय परिसर में बतौर माल मुकदमाती मौजूद है। मामले की सीबीआई जांच भी हुई तो सीबीआई के एक्सपर्ट भी इस गाड़ी का कई दफा मुआयना कर चुके हैं। पहले तो यह मामला जयपुर में ही चला लेकिन 1989 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केस को मथुरा भेज दिया गया था। उसी समय राजा मान सिंह का यह जोंगा भी मथुरा ही आ गया था। 32 साल से कानूनी जंग में फंसा राजा मान सिंह जी का यह जोंगा जंग खा रहा है।
सीओ, एसओ समेत 10 पुलिस वालों पर है हत्या का मुकदमा
मथुरा। राजा मानसिंह की हत्या के मामले में तत्कालीन डिप्टी एसपी कानसिंह भाटी, एसएचओ वीरेंद्र सिंह, सुखराम, जीवनराम, भंवर सिंह, हरी सिंह, शेरसिंह, छत्तर सिंह सहित कुल 14 लोगों के विरुद्ध जिला सत्र न्यायालय में ट्रायल चल रहा है। अब 18 जुलाई से सुनवाई होगी।
कोर्ट ने मंजूर की फाइनल रिपोर्ट
मथुरा। पुलिस ने 20 फरवरी को राजा मानसिंह के खिलाफ इसी जोंगा से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरन माथुर के मंच और हेलीकॉप्टर को तोड़ने का मुकदमा दर्ज कराया था। वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता नारायन सिंह विप्लवी ने बताया कि इस मामले की जांच के बाद दोनों ही मामलों में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई थी। जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया।
21 फरवरी 1985 को याद करके लोग आज भी बेचैन हो जाते हैं। उस दिन दोपहर का वक्त था। डीग की अनाज मंडी में भरतपुर नरेश राजा मानसिंह अपनी शाही सवारी में बैठकर घूम रहे थे। अचानक सामने से आई पुलिस ने उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
विज्ञापन
पुलिस फायरिंग में राजा मानसिंह, ठाकुर सुमेर सिंह और हरी सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से पूरा भरतपुर दहशत में रहा। पुलिस के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर पड़े, क्योंकि हत्या की रिपोर्ट दर्ज हो गई थी, लिहाजा राजा मानसिंह जिस जीप (जोंगा) में सवार थे उसे भी माल मुकदमाती मानते हुए पुलिस ने कब्जे में ले लिया था।
विज्ञापन
यह गाड़ी आज भी न्यायालय परिसर में बतौर माल मुकदमाती मौजूद है। मामले की सीबीआई जांच भी हुई तो सीबीआई के एक्सपर्ट भी इस गाड़ी का कई दफा मुआयना कर चुके हैं। पहले तो यह मामला जयपुर में ही चला लेकिन 1989 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केस को मथुरा भेज दिया गया था। उसी समय राजा मान सिंह का यह जोंगा भी मथुरा ही आ गया था। 32 साल से कानूनी जंग में फंसा राजा मान सिंह जी का यह जोंगा जंग खा रहा है।
सीओ, एसओ समेत 10 पुलिस वालों पर है हत्या का मुकदमा
मथुरा। राजा मानसिंह की हत्या के मामले में तत्कालीन डिप्टी एसपी कानसिंह भाटी, एसएचओ वीरेंद्र सिंह, सुखराम, जीवनराम, भंवर सिंह, हरी सिंह, शेरसिंह, छत्तर सिंह सहित कुल 14 लोगों के विरुद्ध जिला सत्र न्यायालय में ट्रायल चल रहा है। अब 18 जुलाई से सुनवाई होगी।
कोर्ट ने मंजूर की फाइनल रिपोर्ट
मथुरा। पुलिस ने 20 फरवरी को राजा मानसिंह के खिलाफ इसी जोंगा से तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरन माथुर के मंच और हेलीकॉप्टर को तोड़ने का मुकदमा दर्ज कराया था। वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता नारायन सिंह विप्लवी ने बताया कि इस मामले की जांच के बाद दोनों ही मामलों में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई थी। जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया।