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बिना शिक्षकों के कैसे बनें डाक्टर-इंजीनियर
Updated Tue, 04 Sep 2018 10:40 PM IST
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teacher shimla
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एटा। गुणवत्ता परक शिक्षा का दावा करने वाली सरकार राजकीय एवं एडिड स्कूलों को शिक्षक नहीं दे पा रही। बेसिक शिक्षा में सैकड़ों पद रिक्त हैं। वहीं माध्यमिक विद्यालयों में 70 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त हैं। जिले के 24 राजकीय विद्यालय मात्र 19 प्रतिशत स्टाफ के सहारे संचालित हैं।
प्राथमिक से माध्यमिक विद्यालयों तक बुरा हाल है। महत्वपूर्ण विषय तो दूर दर्जनों स्कूलों में तो हिंदी, अंग्रेजी जैसे अनिवार्य विषयों को पढ़ाने वाले नहीं हैं। सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों के स्थान पर नए शिक्षक नहीं मिल रहे। ऐसे में शैक्षिक उन्नयन अभियान हवा हवाई साबित हो रहे हैं। शिक्षकों के अभाव में विषयों का नियमानुसार अध्यापन तक नहीं हो पा रहा। अव्यवस्था का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले के राजकीय एवं एडिड स्कूलों में 70 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त हैं।
अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय-54
स्वीकृत प्रवक्ता पद-258
कार्यरत प्रवक्ता-119
रिक्त पद-139
स्वीकृत स्नातक पद-804
कार्यरत सहायक अध्यापक-502
रिक्त पद-302
संचालित कुल राजकीय विद्यालय-24
कुल प्रधानाचार्य के पद-24
सेवारत-09
रिक्त प्रधानाचार्य पद-15
कुल प्रवक्ता पद-122
सेवारत-05
रिक्त प्रवक्ता पद-122
कुल सहायक अध्यापक पद-201
सेवारत-89
रिक्त सहायक अध्यापक पद-117
अनिवार्य व्यायाम शिक्षा भी बदहाल
खेलकूद को अनिवार्य शिक्षा घोषित करने वाली सरकार व्यायाम शिक्षकों की भी व्यवस्था नहीं कर पा रही। जिले में संचालित 78 राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में से मात्र दर्जनभर में ही व्यायाम शिक्षक हैं। ऐसे में बच्चों को खेलकूद के गुर तो दूर सावधान विश्राम सिखाने वाले तक नहीं हैं।
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प्राथमिक से माध्यमिक विद्यालयों तक बुरा हाल है। महत्वपूर्ण विषय तो दूर दर्जनों स्कूलों में तो हिंदी, अंग्रेजी जैसे अनिवार्य विषयों को पढ़ाने वाले नहीं हैं। सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों के स्थान पर नए शिक्षक नहीं मिल रहे। ऐसे में शैक्षिक उन्नयन अभियान हवा हवाई साबित हो रहे हैं। शिक्षकों के अभाव में विषयों का नियमानुसार अध्यापन तक नहीं हो पा रहा। अव्यवस्था का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले के राजकीय एवं एडिड स्कूलों में 70 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त हैं।
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अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय-54
स्वीकृत प्रवक्ता पद-258
कार्यरत प्रवक्ता-119
रिक्त पद-139
स्वीकृत स्नातक पद-804
कार्यरत सहायक अध्यापक-502
रिक्त पद-302
संचालित कुल राजकीय विद्यालय-24
कुल प्रधानाचार्य के पद-24
सेवारत-09
रिक्त प्रधानाचार्य पद-15
कुल प्रवक्ता पद-122
सेवारत-05
रिक्त प्रवक्ता पद-122
कुल सहायक अध्यापक पद-201
सेवारत-89
रिक्त सहायक अध्यापक पद-117
अनिवार्य व्यायाम शिक्षा भी बदहाल
खेलकूद को अनिवार्य शिक्षा घोषित करने वाली सरकार व्यायाम शिक्षकों की भी व्यवस्था नहीं कर पा रही। जिले में संचालित 78 राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में से मात्र दर्जनभर में ही व्यायाम शिक्षक हैं। ऐसे में बच्चों को खेलकूद के गुर तो दूर सावधान विश्राम सिखाने वाले तक नहीं हैं।
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