{"_id":"5b117f024f1c1bb0318b49d3","slug":"171527873282-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 1310 अपराधी ‘त्रिनेत्र’ पर आएंगे नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 1310 अपराधी ‘त्रिनेत्र’ पर आएंगे नजर
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:05 PM IST
विज्ञापन
UP POLICE
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। अपराध करने वालों को बेनकाब करने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। पुलिस ने हाल ही में शुरू त्रिनेत्र एप के माध्यम से अपराधियों को सार्वजनिक करने का काम शुरू कर दिया है। जिले में चिह्नित 1310 अपराधियों को सॉफ्टवेयर पर दर्ज किया गया है।
शासन स्तर से शुरू सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रदेश भर के अपराधियों को देखा जा सकेगा। इतना ही नहीं इस एप पर अपराधियों को फोटो के साथ उनका पूरा नाम पता भी दर्ज होगा। एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि अपराधियों को त्रिनेत्र पर दर्ज कराने के लिए पिछले पांच दिनो से काम शुरू करा दिया गया है। इसमें पुलिस कर्मी अमित कुमार, सुरेश कुमार, राहुल और महिला पुलिस कर्मी सपना को लगाया गया है। इन्होंने एप पर जिले भर में चिह्नित 1310 अपराधियों को ऑनलाइन दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि एप के माध्यम से स्कैच जारी होने वाले अपराधी ट्रेस हो सकेेेेंगे। समान चेहरे वाले अपराधियों को फोटो इस पर डालते ही उससे मिलते जुलते चेहरे वाले प्रदेश भर के सारे अपराधी नेट पर दिखने लगेंगे। उन्होंने बताया कि अपराधियों के एप पर दर्ज होने के बाद आम लोग भी नेट खोलकर अपराधियों का ब्योरा देख सकेंगे।
विज्ञापन
शासन स्तर से शुरू सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रदेश भर के अपराधियों को देखा जा सकेगा। इतना ही नहीं इस एप पर अपराधियों को फोटो के साथ उनका पूरा नाम पता भी दर्ज होगा। एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि अपराधियों को त्रिनेत्र पर दर्ज कराने के लिए पिछले पांच दिनो से काम शुरू करा दिया गया है। इसमें पुलिस कर्मी अमित कुमार, सुरेश कुमार, राहुल और महिला पुलिस कर्मी सपना को लगाया गया है। इन्होंने एप पर जिले भर में चिह्नित 1310 अपराधियों को ऑनलाइन दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि एप के माध्यम से स्कैच जारी होने वाले अपराधी ट्रेस हो सकेेेेंगे। समान चेहरे वाले अपराधियों को फोटो इस पर डालते ही उससे मिलते जुलते चेहरे वाले प्रदेश भर के सारे अपराधी नेट पर दिखने लगेंगे। उन्होंने बताया कि अपराधियों के एप पर दर्ज होने के बाद आम लोग भी नेट खोलकर अपराधियों का ब्योरा देख सकेंगे।
विज्ञापन