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लापरवाही: छात्राओं पर भारी पड़ा निवाला:
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:03 PM IST
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लापरवाही: छात्राओं पर भारी पड़ा निवाला
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। छात्राओं ने राजमा-आलू की सब्जी के साथ चावल खूब चाव से खाए, लेकिन उन छात्राओं को क्या पता था कि यह निवाला उनकी सेहत पर बन आएगा। स्कूल स्टाफ की लापरवाही से 55 छात्राओं की जान पर बन गई। अवागढ़ के कस्तूरबा स्कूल में खाना खाने के बाद बीमार पड़ी छात्राओं ने खाने में गोलियां और मीठेपन की शिकायत की थी।
शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंची छात्राओं ने बताया कि गुरुवार रात को स्कूल मेें मिला खाना रोज की तरह नहीं था। उनको खाने में मीठापन महसूस हुआ, तो सोचा कि चीनी डाल दी होगी। मगर जब कुछ छात्राओं ने खाने में खाद्य संरक्षण वाली गोलियां देखीं, तो कुछ शक हुआ। ऐसा माना जा रहा है कि कि चावलों को कीड़ों से बचाने के लिए डाली जाने वाली गोलियां खाने के साथ पका दी गई हैं, लेकिन छात्राएं पूरी तरह से इसकी पुष्टि नहीं कर पा रही हैं। वहीं गुरुवार रात को खाना खाने के बाद विद्यालय की शिक्षिका प्रियंका को भी उल्टी, दस्त की शिकायत होने की बात सामने आई है। वहीं छात्राओं की तबियत बिगड़ने के बाद जब शुक्रवार को एबीएसए नीरजा चतुर्वेदी ने विद्यालय पहुंचकर रसोई देखी, तो उनको भी तमाम गंदगी मिली। इससे एक बात साफ है कि खाना बनाने में गुणवत्ता और स्वच्छता के मानक दरकिनार कर दिए गए। हालांकि असलियत मामले की जांच के बाद सामने आएगी, मगर छात्राओं की सेहत के साथ खिलवाड़ ने बा स्कूलों की हकीकत को उजागर कर दिया है।
हर तीन महीने में बीमार पड़ती हैं छात्राएं
अवागढ़ पीएचसी पर तैनात डा. अवधेश कठेरिया ने बताया कि स्कूल में यह चौथी घटना है। हर तीन महीने पर छात्राओं को फूड प्वाइजनिंग होती है। हर बार दो से 36 छात्राएं इसकी शिकार होती रही हैं। फिर भी विभाग कार्रवाई से कतरा रहा है।
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रसोइयां बोलीं, वार्डन बनवाती हैं खराब सब्जियां
स्कूल में तैनात रसोइया रीना और बेबी ने बताया कि वार्डन आरती यादव खाना बनाने का सारा सामान थोक में लाती हैं। इनमें सब्जियां अधिकतर खराब हो जाती हैं। कई बार मना करने के बाद भी उन्होंने खराब सब्जियां बनवाई हैं। जिससे छात्राओं की सेहत बार-बार बिगड़ती है।
एसडीएम ने जाना हाल, भरवाए सैंपल
छात्राओं की सेहत बिगड़ने के बाद एसडीएम जलेसर विजय कुमार ने पीएचसी अवागढ़ पहुंचकर हाल जाना। उन्होंने कस्तूरबा स्कूल पहुंचकर निरीक्षण किया। साथ ही खाद्य निरीक्षक अरुण कुमार ने विद्यालय की रसोई से तेल, आटा और चावल के सैंपल लिए।
26 फरवरी से नहीं भरा विवरण
विद्यालय की वार्डन की लापरवाही का आलम यह था कि राशन के रजिस्टर में 26 फरवरी के बाद से सामान की खरीद का विवरण भरा ही नहीं गया था। एसडीएम ने रजिस्टर को जब्त कर लिया है।
इन छात्राओं को किया गया एटा रेफर
अवागढ़ पीएचसी से तबियत बिगड़ने पर छात्रा रविता पुत्री राजकुमार निवासी नगला देव, वंदना पुत्री संजय यादव निवासी यादव नगर, पूनम पुत्री शिवराज निवासी नगला खिननी, राधा पुत्री ग्रीश चंद्र निवासी नगला चित्तर, शबनम पुत्री हनीफ निवासी बरई कल्याणपुर, आरती पुत्री उजागर निवासी होडलपुर, मुस्कान पुत्री शैलेंद्र निवासी खुशराई, स्तुति पुत्री रामचरन निवासी मोहनपुर, शालिनी पुत्री राजू निवासी बावसा, रुचि पुत्री विजय निवासी टोडरपुर, शीलू पुत्री प्रेमपाल निवासी अवागढ़, मीरा पुत्री सत्यप्रकाश निवासी नगला खिल्ली, सुमन पुत्री श्रीनिवास निवासी अवागढ़, निशा पुत्री इंद्रपाल निवासी अवागढ़, एकता पुत्री वीरेंद्र टोडरपुर, शोभा पुत्री नरेश महकींकलां, काजल पुत्री धर्मेंद्र सिंह निवासी अवागढ़, रुकसार पुत्री शान मोहम्मद, टोडरपुर, रवीता पुत्री रामनरेश निवासी गदेसरा, खुशी पुत्री रवेंद्र निवासी यादव नगर, मुस्कान पुत्री धर्मेंद्र सिंह निवासी अवागढ़, दीक्षा पुत्री इंद्रपाल निवासी नगला बंधा, मुस्कान पुत्री प्रेमचंद्र निवासी नगला बंधा, ममता पुत्री रामबाबू निवासी नगला मोती, राखी पुत्री इंद्रपाल निवासी नगला खिल्ली, रीना पुत्री राधेश्याम निवासी नगला सीर, प्राची पुत्री उमेश निवासी टोडरपुर, शिवानी पुत्री धर्मेंद्र निवासी गदेसरा, शोभा पुत्री मुनेशपाल निवासी महकीकलां, किरन निवासी मोहनपुर, रजनी पुत्री राजेंद्र निवासी वीरनगर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इनको किया गया आगरा रेफर
गंभीर हालत में छात्रा कीर्ति निवासी नगला मोती, रचना पुत्री शेषपाल निवासी गदनपुर, अंजू पुत्री शैलेंद्र निवासी नगला खना, नीरू पुत्री विजय कुमार अवागढ़ को आगरा रेफर किया गया।
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शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंची छात्राओं ने बताया कि गुरुवार रात को स्कूल मेें मिला खाना रोज की तरह नहीं था। उनको खाने में मीठापन महसूस हुआ, तो सोचा कि चीनी डाल दी होगी। मगर जब कुछ छात्राओं ने खाने में खाद्य संरक्षण वाली गोलियां देखीं, तो कुछ शक हुआ। ऐसा माना जा रहा है कि कि चावलों को कीड़ों से बचाने के लिए डाली जाने वाली गोलियां खाने के साथ पका दी गई हैं, लेकिन छात्राएं पूरी तरह से इसकी पुष्टि नहीं कर पा रही हैं। वहीं गुरुवार रात को खाना खाने के बाद विद्यालय की शिक्षिका प्रियंका को भी उल्टी, दस्त की शिकायत होने की बात सामने आई है। वहीं छात्राओं की तबियत बिगड़ने के बाद जब शुक्रवार को एबीएसए नीरजा चतुर्वेदी ने विद्यालय पहुंचकर रसोई देखी, तो उनको भी तमाम गंदगी मिली। इससे एक बात साफ है कि खाना बनाने में गुणवत्ता और स्वच्छता के मानक दरकिनार कर दिए गए। हालांकि असलियत मामले की जांच के बाद सामने आएगी, मगर छात्राओं की सेहत के साथ खिलवाड़ ने बा स्कूलों की हकीकत को उजागर कर दिया है।
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हर तीन महीने में बीमार पड़ती हैं छात्राएं
अवागढ़ पीएचसी पर तैनात डा. अवधेश कठेरिया ने बताया कि स्कूल में यह चौथी घटना है। हर तीन महीने पर छात्राओं को फूड प्वाइजनिंग होती है। हर बार दो से 36 छात्राएं इसकी शिकार होती रही हैं। फिर भी विभाग कार्रवाई से कतरा रहा है।
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रसोइयां बोलीं, वार्डन बनवाती हैं खराब सब्जियां
स्कूल में तैनात रसोइया रीना और बेबी ने बताया कि वार्डन आरती यादव खाना बनाने का सारा सामान थोक में लाती हैं। इनमें सब्जियां अधिकतर खराब हो जाती हैं। कई बार मना करने के बाद भी उन्होंने खराब सब्जियां बनवाई हैं। जिससे छात्राओं की सेहत बार-बार बिगड़ती है।
एसडीएम ने जाना हाल, भरवाए सैंपल
छात्राओं की सेहत बिगड़ने के बाद एसडीएम जलेसर विजय कुमार ने पीएचसी अवागढ़ पहुंचकर हाल जाना। उन्होंने कस्तूरबा स्कूल पहुंचकर निरीक्षण किया। साथ ही खाद्य निरीक्षक अरुण कुमार ने विद्यालय की रसोई से तेल, आटा और चावल के सैंपल लिए।
26 फरवरी से नहीं भरा विवरण
विद्यालय की वार्डन की लापरवाही का आलम यह था कि राशन के रजिस्टर में 26 फरवरी के बाद से सामान की खरीद का विवरण भरा ही नहीं गया था। एसडीएम ने रजिस्टर को जब्त कर लिया है।
इन छात्राओं को किया गया एटा रेफर
अवागढ़ पीएचसी से तबियत बिगड़ने पर छात्रा रविता पुत्री राजकुमार निवासी नगला देव, वंदना पुत्री संजय यादव निवासी यादव नगर, पूनम पुत्री शिवराज निवासी नगला खिननी, राधा पुत्री ग्रीश चंद्र निवासी नगला चित्तर, शबनम पुत्री हनीफ निवासी बरई कल्याणपुर, आरती पुत्री उजागर निवासी होडलपुर, मुस्कान पुत्री शैलेंद्र निवासी खुशराई, स्तुति पुत्री रामचरन निवासी मोहनपुर, शालिनी पुत्री राजू निवासी बावसा, रुचि पुत्री विजय निवासी टोडरपुर, शीलू पुत्री प्रेमपाल निवासी अवागढ़, मीरा पुत्री सत्यप्रकाश निवासी नगला खिल्ली, सुमन पुत्री श्रीनिवास निवासी अवागढ़, निशा पुत्री इंद्रपाल निवासी अवागढ़, एकता पुत्री वीरेंद्र टोडरपुर, शोभा पुत्री नरेश महकींकलां, काजल पुत्री धर्मेंद्र सिंह निवासी अवागढ़, रुकसार पुत्री शान मोहम्मद, टोडरपुर, रवीता पुत्री रामनरेश निवासी गदेसरा, खुशी पुत्री रवेंद्र निवासी यादव नगर, मुस्कान पुत्री धर्मेंद्र सिंह निवासी अवागढ़, दीक्षा पुत्री इंद्रपाल निवासी नगला बंधा, मुस्कान पुत्री प्रेमचंद्र निवासी नगला बंधा, ममता पुत्री रामबाबू निवासी नगला मोती, राखी पुत्री इंद्रपाल निवासी नगला खिल्ली, रीना पुत्री राधेश्याम निवासी नगला सीर, प्राची पुत्री उमेश निवासी टोडरपुर, शिवानी पुत्री धर्मेंद्र निवासी गदेसरा, शोभा पुत्री मुनेशपाल निवासी महकीकलां, किरन निवासी मोहनपुर, रजनी पुत्री राजेंद्र निवासी वीरनगर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इनको किया गया आगरा रेफर
गंभीर हालत में छात्रा कीर्ति निवासी नगला मोती, रचना पुत्री शेषपाल निवासी गदनपुर, अंजू पुत्री शैलेंद्र निवासी नगला खना, नीरू पुत्री विजय कुमार अवागढ़ को आगरा रेफर किया गया।