{"_id":"5a8720e04f1c1b92268ba88b","slug":"171518805216-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"योगी सरकार के बजट में कांच उद्योग की झोली खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योगी सरकार के बजट में कांच उद्योग की झोली खाली
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। योगी सरकार द्वारा शुक्रवार को दूसरा बजट पेश किया गया। इसमें कांच उद्योग की झोली पूरी तरह खाली रह गई। उद्यमियों को पूरी उम्मीद थी कि बजट में कांच उद्योग के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाएगी लेकिन बजट में ऐसा कोई प्रावधान न होने से उद्यमियों के हाथ निराशा ही लगी है।
कांच उद्योग टीटीजेड की बंदिशों में जकड़ा हुआ है। तीन साल में फिरोजाबाद में न कोई नई इंडस्ट्रीज लगी और नहीं किसी इकाई को क्षमता विस्तार की अनुमति मिली। करोड़ों का निवेश करने के बाद भी 43 इकाइयां प्रतीक्षारत सूची में चल रही हैं, जिन्हें आजतक गैस नहीं मिली है। जीएसटी लागू होने के बाद एक्सपोर्ट उद्योग की ड्रा बैक समाप्त होने से मुश्किलें बढ़ गई हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा बजट में एक जनपद एक उत्पाद को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसके लिए 250 करोड़ का प्रावधान किया है लेकिन यह बजट किन इकाइयों पर खर्च होगा पता नहीं है। नई इकाई लगाने के लिए, नई टेक्नोलॉजी लगाने अथवा अन्य कोई राहत देने पर खर्च होगा, इसका बजट में खुलासा न होने उद्यमी असमंजस की स्थिति में है।
विज्ञापन
योगी सरकार के दूसरे बजट से कांच उद्योग के लिए विशेष पैकेज मिलने की पूरी उम्मीद थी। बजट में एक जनपद एक उत्पाद के लिए 250 करोड़ के प्रावधान की बात कही जा रही है। यह बजट किन इकाइयों को मिलेगा, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कांच उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई टेक्नोलॉजी लगाने के लिए सरकार को सहायता उपलब्ध कराई जाए तो कांच उद्योग के लिए बेहतर होगा।
एक्सपोर्ट उद्योग के लिए कोई राहत नहीं दी गई है। फिरोजाबाद के हिसाब से ड्रा बैक बंद हो गया है। इससे कांच आइटमों की रेट बढ़ गए हैं। बजट में भाड़ा अनुदान बढ़ाने पर कोई विचार नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में एक्सपोर्ट उद्योग कैसे आगे बढ़ सकेगा। एक जनपद एक उत्पाद के तहत इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, यह भी स्पष्ट नहीं है।
योगी सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की गई है। युवा अपना स्वरोजगार स्थापित कर खुद अपने पैरों पर खड़े हो सकें, इसके लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत प्रदेश के सभी जनपदों को अलग-अलग लक्ष्य दिए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। डीएम द्वारा गठित टास्क फोर्स कमेटी की संस्तुति के बाद नए उद्योग लगाने को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना से पूरे जनपद में उजाला फैलेगा। विद्युत विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर गरीबों के घर रोशन करने की पहल की जा रही है। सौभाग्य योजना में डेढ़ करोड़ परिवारों को मार्च 2019 तक विद्युत संयोजन देने का लक्ष्य रखा गया है। फिरोजाबाद जनपद में दिसंबर तक एक लाख 22 हजार 622 कनेक्शन देने का लक्ष्य है। प्रथम चरण में विभाग द्वारा ऐसे क्षेत्रों में कनेक्शन दिए जा रहे हैं, पहले विद्युत सप्लाई है। द्वितीय चरण में जहां बिजली नहीं है, उन क्षेत्रों में भी संसाधन मुहैया कराकर कनेक्शन देने की योजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन
कांच उद्योग टीटीजेड की बंदिशों में जकड़ा हुआ है। तीन साल में फिरोजाबाद में न कोई नई इंडस्ट्रीज लगी और नहीं किसी इकाई को क्षमता विस्तार की अनुमति मिली। करोड़ों का निवेश करने के बाद भी 43 इकाइयां प्रतीक्षारत सूची में चल रही हैं, जिन्हें आजतक गैस नहीं मिली है। जीएसटी लागू होने के बाद एक्सपोर्ट उद्योग की ड्रा बैक समाप्त होने से मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार द्वारा बजट में एक जनपद एक उत्पाद को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इसके लिए 250 करोड़ का प्रावधान किया है लेकिन यह बजट किन इकाइयों पर खर्च होगा पता नहीं है। नई इकाई लगाने के लिए, नई टेक्नोलॉजी लगाने अथवा अन्य कोई राहत देने पर खर्च होगा, इसका बजट में खुलासा न होने उद्यमी असमंजस की स्थिति में है।
विज्ञापन
योगी सरकार के दूसरे बजट से कांच उद्योग के लिए विशेष पैकेज मिलने की पूरी उम्मीद थी। बजट में एक जनपद एक उत्पाद के लिए 250 करोड़ के प्रावधान की बात कही जा रही है। यह बजट किन इकाइयों को मिलेगा, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कांच उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई टेक्नोलॉजी लगाने के लिए सरकार को सहायता उपलब्ध कराई जाए तो कांच उद्योग के लिए बेहतर होगा।
एक्सपोर्ट उद्योग के लिए कोई राहत नहीं दी गई है। फिरोजाबाद के हिसाब से ड्रा बैक बंद हो गया है। इससे कांच आइटमों की रेट बढ़ गए हैं। बजट में भाड़ा अनुदान बढ़ाने पर कोई विचार नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में एक्सपोर्ट उद्योग कैसे आगे बढ़ सकेगा। एक जनपद एक उत्पाद के तहत इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, यह भी स्पष्ट नहीं है।
योगी सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की गई है। युवा अपना स्वरोजगार स्थापित कर खुद अपने पैरों पर खड़े हो सकें, इसके लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत प्रदेश के सभी जनपदों को अलग-अलग लक्ष्य दिए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। डीएम द्वारा गठित टास्क फोर्स कमेटी की संस्तुति के बाद नए उद्योग लगाने को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना से पूरे जनपद में उजाला फैलेगा। विद्युत विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर गरीबों के घर रोशन करने की पहल की जा रही है। सौभाग्य योजना में डेढ़ करोड़ परिवारों को मार्च 2019 तक विद्युत संयोजन देने का लक्ष्य रखा गया है। फिरोजाबाद जनपद में दिसंबर तक एक लाख 22 हजार 622 कनेक्शन देने का लक्ष्य है। प्रथम चरण में विभाग द्वारा ऐसे क्षेत्रों में कनेक्शन दिए जा रहे हैं, पहले विद्युत सप्लाई है। द्वितीय चरण में जहां बिजली नहीं है, उन क्षेत्रों में भी संसाधन मुहैया कराकर कनेक्शन देने की योजना बनाई जा रही है।