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माया महा ठगनी, मन लागो मेरो यार फकीरी में ...
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:53 PM IST
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कवि सम्मेलन
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बेवर। शहीद मेले में सोमवार को सातवें दिन कबीर सुर साधिका काव्य पाठ का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने काव्य पाठ किया।
शहीद मेले में इंदौर से आईं अंजना सक्सेना ने कबीर के पदों से सत्र का आरंभ किया। इस दौरान उन्होंने ‘माया महा ठगनी, मन लागो मेरो यार फकीरी में’, नैहरवा और सतगुरु के दरबार जैसे पदों को सुनाया। इसके अलावा उन्होंने पढ़ा कि ‘कुछ अंधेरों में दीपक जलाओ, आशियानों को अपने सजाओ।’
उन्होंने कहा कि हमारा देश गंगा-जमुनी तहजीब की संस्कृति रही है। इसे हमेशा कायम रखना ही हमारे जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। कार्यक्रम में शहीद मेला प्रबंधक राज त्रिपाठी, वरिष्ठ साहित्यकार श्यामस्नेही, आवाम सिनेमा संस्थापक शाह आलम व प्रवक्ता सुनील दत्ता ने सुर साधिका अंजना सक्सेना व तबलावादक महेश यादव का का सम्मान किया।
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शहीद मेले में इंदौर से आईं अंजना सक्सेना ने कबीर के पदों से सत्र का आरंभ किया। इस दौरान उन्होंने ‘माया महा ठगनी, मन लागो मेरो यार फकीरी में’, नैहरवा और सतगुरु के दरबार जैसे पदों को सुनाया। इसके अलावा उन्होंने पढ़ा कि ‘कुछ अंधेरों में दीपक जलाओ, आशियानों को अपने सजाओ।’
उन्होंने कहा कि हमारा देश गंगा-जमुनी तहजीब की संस्कृति रही है। इसे हमेशा कायम रखना ही हमारे जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। कार्यक्रम में शहीद मेला प्रबंधक राज त्रिपाठी, वरिष्ठ साहित्यकार श्यामस्नेही, आवाम सिनेमा संस्थापक शाह आलम व प्रवक्ता सुनील दत्ता ने सुर साधिका अंजना सक्सेना व तबलावादक महेश यादव का का सम्मान किया।
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